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Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana

गुड़गांव।
जिंदगी और मौत का ऐसा क्रूर खेल शायद ही किसी ने देखा हो। एक तरफ युवक की अचानक मौत का सदमा, दूसरी तरफ उसी पल उसके घर में नवजात शिशु के रोने की किलकारी।
गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में बुधवार को एक निजी कंपनी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड सुमित की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। 30 मार्च को वह अपनी गर्भवती पत्नी प्रियंका को अस्पताल ले जाने के लिए बाइक में पेट्रोल भरवाने गया था। लौटते वक्त सड़क पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घायल सुमित को राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बुधवार रात उनकी मौत हो गई। मृतक के पिता तेजराम समेत परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। शव को घर लाकर गुरुवार को अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। ठीक उसी दौरान सुमित की पत्नी प्रियंका को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन बेटे की मौत का गम मन में दबाकर पुत्रवधू को जिला अस्पताल ले गए, जहां प्रियंका ने बेटे को जन्म दिया।
तीन वर्ष पहले हुआ था विवाह
तीन साल पहले 26 फरवरी को सुमित और प्रियंका का विवाह हुआ था। डेढ़ महीने पहले उन्होंने अपनी शादी की तीसरी वर्षगांठ मनाई थी। दोनों आने वाले बच्चे का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सुमित अक्सर कहता था कि बेटा हुआ तो उसे गोद में लेकर चौथी वर्षगांठ मनाएंगे। हादसे से ठीक पहले सुमित यह ध्यान में रखकर बाइक में पेट्रोल डलवा रहा था कि अगर पत्नी को दर्द हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। लेकिन लौटते वक्त ट्रक की टक्कर ने सब कुछ बदल दिया। अब परिवार दोहरी दुविधा में है। एक तरफ बेटे की मौत का मातम, दूसरी तरफ नवजात पोते के जन्म की खुशी।




