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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
अंबाला/चंडीगढ़, 11 अप्रैल 2026: हरियाणा पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से सफलतापूर्वक भारत डिपोर्ट कर लिया है। यह वर्ष 2026 में STF हरियाणा की पांचवीं बड़ी डिपोर्टेशन है, जो राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है। इससे पहले STF द्वारा अंकित शोकीन, अमन भैंसवाल, सोमबीर मोट्टा और शीलू दाहर को भी विदेशों से डिपोर्ट किया जा चुका है।

कौन है साहिल चौहान? साहिल चौहान, पुत्र बिक्रम सिंह, हरियाणा के अंबाला जिले के शाहजादपुर का निवासी है। जन्म: 23 अक्टूबर 1999 कद: लगभग 6 फीट रंग: गेहुआं बाल/आंखें: काले। वह लंबे समय से हरियाणा और आसपास के राज्यों में सक्रिय एक खतरनाक अपराधी के रूप में जाना जाता है।
गैंग कनेक्शन – साहिल चौहान का संबंध कुख्यात भुप्पी राणा गैंग और बंबीहा गैंग से है। ये गैंग उत्तर भारत में संगठित अपराध, रंगदारी और हिंसक वारदातों के लिए बदनाम हैं। अपराध का तरीका (Modus Operandi)- साहिल चौहान पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें शामिल हैं- हत्या और हत्या का प्रयास, रंगदारी ,वसूली ,डकैती ,आपराधिक धमकी, आर्म्स एक्ट का उल्लंघन
प्रभाव क्षेत्र : उसकी गतिविधियां मुख्य रूप से इन जिलों में फैली हुई थीं: यमुनानगर, कुरुक्षेत्र,अंबाला,पंचकूला
आपराधिक रिकॉर्ड
अपराध में सक्रिय: 2016 से
कुल दर्ज मामले: 16
एक मामले में दोषसिद्धि (10 साल की सजा + जुर्माना) इन मामलों में हत्या, फायरिंग, रंगदारी और हथियारों से जुड़े गंभीर अपराध शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई साहिल चौहान को पकड़ने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की गई:
रेड कॉर्नर नोटिस जारी
लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी
इंटरपोल को 7 जुलाई 2025 को संदर्भ भेजा गया
धोखाधड़ी से हासिल पासपोर्ट 17 मार्च 2026 को जब्त
उसने फर्जी पहचान के जरिए बेंगलुरु के पते पर पासपोर्ट बनवाया था।
फरारी और यात्रा इतिहास
गिरफ्तारी से बचने के लिए साहिल कई देशों में घूमता रहा:
कोलकाता – ढाका – जकार्ता – बाली – मलेशिया – अंगोला – वियतनाम – थाईलैंड
आखिरकार 9 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में उसे ट्रेस कर लिया गया।
कानूनी स्थिति
साहिल के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), IPC और पासपोर्ट एक्ट शामिल हैं।
एक ओपन डेटेड गिरफ्तारी वारंट भी पहले से जारी था।
निष्कर्ष
साहिल चौहान की डिपोर्टेशन STF हरियाणा की उस रणनीति को दिखाती है जिसमें अपराधी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिपे हों, उन्हें वापस लाकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक संदेश है – “भागने का रास्ता लंबा हो सकता है, लेकिन अंत में कानून की पकड़ उससे भी लंबी होती है।”




