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Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
नई दिल्ली।
साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वालों की मदद करने वाले लोगों के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह फेक इन्वेस्टमेंट स्कीम, पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन ठगी के लिए बैंक खाते सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने एेसे 14 साइबर ठग गिरफ्तार किए हैं। इनके पास से 79 हजार रुपये नकदी, 28 मोबाइल, 17 पासबुक, 3 लैपटॉप और 23 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। गिरोह का मास्टरमाइंड हांक फरार चल रहा है, पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

साउथ वेस्ट जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि साउथ-वेस्ट जिले में सक्रिय म्यूल अकाउंट्स की जांच के दौरान पता चला कि एक संगठित गिरोह बैंकों में अकाउंट खुलवाकर उन्हें फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल कर रहा था। ये अकाउंट्स सोशल मीडिया और एप के जरिये कमीशन देकर खरीदे जा रहे थे। साइबर थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने तकनीकी निगरानी और फील्ड जांच के आधार पर पहले मोहम्मद फैज को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर उसके चचेरे भाई मोहम्मद फहाद को शाहीन बाग से पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर सुवेब रब्बानी, सतेंद्र राठौर, शनी पाल, प्रीतम कुमार और अभिषेक मिश्रा जैसे आरोपियों तक पहुंच बनी।
कॉल सेंटर की आड में चलाया जा रहा था बेटिंग एप
नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और लक्ष्मी नगर में छापेमारी की गई। लक्ष्मी नगर में एक ऑफिस का भी पता लगा। जहां ऑनलाइन बेटिंग/गेमिंग एप के नाम पर कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। यहां से 6 और आरोपी गिरफ्तार किए गए, जो टेलीकॉलर के रूप में लोगों को ऐप पर खेलने के लिए उकसा रहे थे।
ये हैं आरोपी
आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मोहम्मद फहाद, मोहम्मद फैज, बागपत के सुवेब रब्बानी, फर्रुखाबाद के सतेंद्र राठौर, अभिषेक मिश्रा, हांडिया के अभिषेक सिंह, गाजियाबाद के मुकिल मलिक व ज्ञानेश शर्मा, पंजाब के लुधियाना के शनी पाल, प्रीतम कुमार, दिल्ली के बापरौला के नीरज वर्मा, गुजरात के राजकोट के विवेक मेहुल, वजामितेन और उत्तराखंड के देहरादून के मनप्रीत सिंह के रूप में हुई।




