Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम: बच्चों की सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गुरुग्राम के कादीपुर में शनिवार को हरियाणा का पहला ‘सेफ स्कूल ज़ोन’ शुरू किया गया। इस पहल का उद्घाटन नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के अतिरिक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने किया। इस मौके पर जिला परिवहन अधिकारी एवं बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला भी मौजूद रहे।

यह परियोजना सरकारी स्कूलों के आसपास सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। उद्घाटन के दौरान रविंद्र यादव ने कहा कि इस पहल के जरिए बच्चों की सुरक्षा, उनका उज्ज्वल भविष्य और पर्यावरण संरक्षण—तीनों पर एक साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वही सड़क वास्तव में सुरक्षित होती है, जहां बच्चे और बुजुर्ग बिना डर के चल सकें। संजीव सिंगला ने अपने संबोधन में इस पहल को सकारात्मक बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि इससे न केवल स्कूल के आसपास का वातावरण सुरक्षित होगा, बल्कि अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
यह परियोजना ‘राहगीरी फाउंडेशन’ द्वारा गुरुग्राम विजन ज़ीरो कार्यक्रम के तहत नगर निगम गुरुग्राम के सहयोग से लागू की गई है। इसमें हीरो मोटोकॉर्प, नगरो और ह्यूजेस सिस्टिक जैसी संस्थाओं का भी सहयोग मिला है। जानकारी के अनुसार, देश में हर दिन औसतन 42 बच्चों की मौत सड़क हादसों में होती है। कादीपुर के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में किए गए सर्वे में सामने आया कि करीब 80% बच्चे पैदल स्कूल आते हैं। पहले उन्हें बिना फुटपाथ और सुरक्षित क्रॉसिंग के व्यस्त सड़क पार करनी पड़ती थी।
अब इस सेफ स्कूल ज़ोन के तहत कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
सुरक्षित फुटपाथ
स्पष्ट और ऊंचे ज़ेब्रा क्रॉसिंग
25 किमी/घंटा की स्पीड लिमिट
प्रतीक्षा क्षेत्र (Waiting Area)
दीवारों पर जागरूकता पेंटिंग्स
राहगीरी फाउंडेशन की सह-संस्थापक सारिका पांडा भट्ट ने कहा कि यह पहल बच्चों के सुरक्षित स्कूल पहुंचने के अधिकार को मजबूत करती है और भविष्य में पूरे हरियाणा के लिए एक मॉडल बन सकती है।




