Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author : Pardeep Narula
गुरुग्राम के शैक्षणिक परिदृश्य में 22 फरवरी का दिन स्वास्थ्य विज्ञान के नाम रहा, जब The Mayra Foundation के तत्वावधान में The NorthCap University के परिसर में “फिफियोकनेक्ट-6 इंटरनेशनल फिजियोथेरेपी सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “Breaking Barriers: Physiotherapy for a Healthier Tomorrow” रखी गई, जो अपने आप में एक घोषणा थी कि फिजियोथेरेपी अब सीमाओं में बंधी विधा नहीं, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य क्रांति का सक्रिय वाहक बन चुकी है।

सम्मेलन का उद्देश्य स्पष्ट था, शोध, शिक्षा और आधुनिक तकनीकों को एक साझा मंच पर लाना, ताकि वैश्विक स्तर पर फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नवाचार को गति मिल सके। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। करीब 800 प्रतिभागियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और प्रभाव को और भी व्यापक बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि H.E. Mr. Abdulrahman AlGaoud रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में स्वास्थ्य सेवाओं में फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में एसीपी वेस्ट, गुरुग्राम श्री अभिलक्ष जोशी तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सलाहकार श्री कृष्ण कुमार गौर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आज फिजियोथेरेपी केवल उपचार की सहायक पद्धति नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण मरीजों को अब अधिक सटीक, सुरक्षित और त्वरित लाभ मिल रहा है।
सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. सर्वोत्तम चौहान ने बताया कि “फिफियोकनेक्ट” का उद्देश्य केवल वार्षिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रयास है, जो युवाओं को शोध और तकनीकी नवाचार की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य उद्योग के सबसे उभरते क्षेत्रों में से एक होगी, जहां प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
वैज्ञानिक सत्रों का संचालन वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. नितेश मल्होत्रा और डॉ. श्वेता शर्मा के नेतृत्व में किया गया। विभिन्न सत्रों में उन्नत पुनर्वास तकनीकों, स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट, न्यूरो-रिहैबिलिटेशन और डिजिटल हेल्थ टूल्स जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्मेलन में लगभग 150 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें नवीन अनुसंधान और व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।
अंतरराष्ट्रीय कीनोट सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। लंदन से आए डॉ. सोहराब शर्मा और यूएई से महेंद्र यादव ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में फिजियोथेरेपी के नए रुझानों, तकनीकी नवाचारों और क्लिनिकल अनुभवों को साझा किया। उनके व्याख्यानों ने प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों और संभावनाओं से अवगत कराया।
सचिव डॉ. पूजा शर्मा और डॉ. सईद वारिस, संयुक्त सचिव डॉ. राम सिहाग और डॉ. अरविंद जागा सहित आयोजन टीम के अन्य सदस्यों डॉ. रमनदीप कौर, डॉ. रचना सेठी, डॉ. सोनिल सिंह और डॉ. हरविंदर पासी ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों के सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। “फिफियोकनेक्ट-6” ने यह सिद्ध कर दिया कि जब ज्ञान, तकनीक और वैश्विक सहयोग एक मंच पर आते हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनता है।




