
डीएलएफ में 4 हजार से ज्यादा संपत्तियां होंगी सील
हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीटीपी विभाग कार्रवाई को तैयार
डीएलएफ फेज 1 से 5 तक में होंगी सीलिंग
डीटीपी विभाग की चार टीमें करेंगी सीलिंग
सीलिंग की जद में आने वाले लोगों ने जताया विरोध
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 3 अप्रैल। गुरुग्राम में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (डीटीपी) की तरफ से हरियाणा का अब तक का सबसे बड़ा सीलिंग अभियान चलाया जाएगा। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गति विधियों पर विभाग का डंडा चलेगा और डीएलएफ में चार हजार से ज्यादा संपत्तियों को सील यिका जाएगा।
डीटीपी अमित मधोलिया ने बताय कि डीएलएफ फेज 1 से लेकर फेस 5 तक सभी रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर विभाग की तरफ से सीलिंग की जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग यह कार्यवाही कर रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीपीपी विभाग की तरफ से इन पांचों फेजों में सर्वे कराया गया था। जिसमें लगभग 15 हजार संपत्तियों का सर्वे हुए था। जिसमें 4 हजार से ज्यादा ऐसी सपंत्तियां थी जोकि रिहायशी प्लॉट थे, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के एनफोर्समेंट टीम की तरफ से डीएलएफ फेज 1 से 5 में अवैध निर्माण और मकानों में संचालित की जा रही व्यावसायिक गतिविधि वाले मकानों पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उपायुक्त गुरुग्राम की तरफ से 4 अप्रैल से धरातल पर सीलिंग की कार्रवाई के प्लान को भी मंजूरी दे दी गई है। एनफोर्समेंट टीम की तरफ से अब तक 4 हजार से अधिक मकानों को कारण बताओ नोटिस और लगभग 2500 मकानों को रेस्टोरेशन के आदेश दिए जा चुके हैं। डीटीपीई अमित मधोलिया ने लोगों से अंतिम अपील करते हुए कहा कि 4 अप्रैल से पहले अपने मकानों को रिस्टोर कर लें अन्यथा मौके पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए विभाग किसी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होगा।
इस बीच, जिन मकानों और प्रॉपर्टी पर विभाग का यह डंडा चलने वाला है वहां रहने वाले लोगों ने इसका विरोध जताया है। लोगों का कहना है कि वह पिछले कई साल से नगर निगम को व्यावसायिक टैक्स दे रहे हैं और डीएलएफ को मेंटेनेंस भी दे रहे हैं। इसके बाद भी उनके खिलाफ ये कार्रवाई गलत की जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ विभाग का साफतौर पर कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ये कार्रवाई की जा रही है और 19 अप्रैल तक सीलिंग की पूरी रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट भी करनी है।