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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
शुक्रवार की सुबह दिल्ली के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों को ईमेल के जरिये धमकी मिलने की सूचना सामने आई। संदेश में किसी खास संस्थान का नाम नहीं था, फिर भी एहतियातन कदम उठाए गए। दिल्ली से सटे गुरुग्राम के राजीव चौक स्थित एयर फोर्स स्कूल में भी सावधानी के तौर पर कक्षाएं स्थगित कर दी गईं और बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया।

घटना की शुरुआत दिल्ली के दो बड़े स्कूलों को मिले ईमेल से हुई। इनमें सेना से जुड़े स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। हालांकि संदेश अस्पष्ट था, फिर भी प्रशासन ने इसे हल्के में नहीं लिया। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधा और परिसर खाली कराने का निर्णय लिया। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए छुट्टी घोषित की गई।
इसके बाद गुरुग्राम में भी अलर्ट जारी किया गया। राजीव चौक स्थित एयर फोर्स स्कूल को खाली कराया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। परिसर और आसपास के इलाकों की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूल के आसपास निगरानी बढ़ा दी।
दिल्ली साइबर सेल ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिला है कि यह संदेश फर्जी भी हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में दिल्ली एनसीआर के स्कूलों को इस तरह की कई धमकियां मिल चुकी हैं, जो बाद में झूठी साबित हुईं। इसी अनुभव के आधार पर पुलिस ने स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं है।
फायर सेफ्टी अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अभी तक स्थानीय प्रशासन या फायर ब्रिगेड को किसी तरह की वास्तविक सहायता की जरूरत नहीं पड़ी है। पुलिस प्रवक्ता ने दोहराया कि गुरुग्राम के किसी स्कूल को सीधे धमकी नहीं मिली थी, लेकिन एहतियातन कदम उठाए गए।
इस पूरी घटना में दो बातें उभरकर सामने आती हैं। पहली, संस्थानों की तत्परता। सूचना मिलते ही बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना और एजेंसियों को सक्रिय करना बताता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल अब कागजों तक सीमित नहीं रहे। दूसरी, अफवाहों के दौर में संयम की जरूरत। डिजिटल माध्यमों पर फैली एक ईमेल कुछ ही मिनटों में सैकड़ों परिवारों की धड़कन बढ़ा सकती है।
फिलहाल हालात सामान्य हैं। स्कूलों में किसी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। जांच एजेंसियां ईमेल की तकनीकी पड़ताल में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट जानकारी साझा न करें और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा रखें।
डर की छाया भले कुछ देर के लिए फैली हो, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की सक्रियता ने यह भरोसा भी जगाया कि सतर्कता की दीवारें पहले से मजबूत हैं।




