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Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
गुड़गांव।
गुड़गांव के कासन गांव में 8 साल पुराने मामले की रंजिश में पूर्व एनएसजी कमांडो सुंदर सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहन और उसके रिश्तेदार गुलशन को गिरफ्तार कर लिया है। रोहन, तत्कालीन सरपंच बहादुर सिंह का बेटा है, जिसकी हत्या सुंदर सिंह ने 8 साल पहले की थी। सुंदर उसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे और फिलहाल बेटी की शादी के लिए 70 दिनों की पैरोल पर बाहर आए हुए थे। आईएमटी मानेसर थाना पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह कासन गांव में मौनी बाबा चौपाल के पास सुंदर कुछ लोगों के साथ बैठे थे। यहां पर वह अपने साथियों के साथ बातचीत कर रही थे। इसी दौरान पूर्व एनएसजी कमांडो बहादुर सिंह के बेटे रोहन और उसके एक साथी ने बाइक से आकर बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। यह घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि घटना महज 10 सेकंड में हो गई। गोली लगते ही सुंदर फौजी वहीं गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पास के अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। एफआईआर में 8 लोगों रोहन, गुलशन, सतपाल, मनोज, राहुल, बूचा, सरला और संतोष के नाम हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और स्थानीय खबरियों की मदद से रोहन और गुलशन को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी रोहन ने बताया कि उसने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी हथियार कहां से लाए।
वर्ष 2018 में की थी सरपंच की हत्या
साल 2018 में 11 अप्रैल की रात सुंदर ने बहादुर सिंह की हत्या कर दी थी। दोनों 30 साल पुराने दोस्त थे। दोनों फौज में साथ नौकरी करते थे बाद में 34 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में उनकी दोस्ती टूट गई। दोनों ने हत्या से कुछ दिन पहले साथ बैठकर शराब पी थी। इस दौरान सुंदर ने पैसे मांगे थे। जब बहादुर सिंह ने इनकार किया तो सुंदर फौजी ने गुस्से में आकर उस पर गोली चलाने की धमकी दी थी।
सरपंच को उसकी ही डेरी में मारा था
कासन गांव के सरपंच बहादुर सिंह 11 अप्रैल की रात को अपनी डेरी पर बैठे थे। इस दौरान गांव के कुछ और लोग भी मौके पर थे। तभी सुंदर वहां आ गया था। आते ही उसने सरपंच से कहा, ‘भाई आज मेरे पैसे देगा कि नहीं, सरपंच ने कहा धीरज रख लो।’ यह बात सुनते ही सुंदर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर दनादन उस पर छह गोलियां दाग दीं। पेट और सीने पर गोली लगने से सरपंच ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस मामले में कोर्ट ने सुंदर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
कई दिन से कर रहा था रेकी
सुंदर सिंह अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। इसका फायदा उठाकर रोहन ने वारदात को अंजाम दिया। वह उसकी हत्या के लिए कई दिन से रेकी कर रहा था, लेकिन उसे मौका नहीं मिल पा रहा था।




