
वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय मंत्रियों संग की उच्चस्तरीय बैठक
मनोहर लाल खट्टर व भूपेंद्र यादव ने हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन
Bilkul Sateek News
नई दिल्ली/गुरुग्राम, 18 जुलाई। हरियाणा के वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज केंद्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ मुलाकात कर अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की।
जंगल सफारी के पहले चरण का कार्य जल्द होगा शुरू
वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने नई दिल्ली में आज हुई मुलाकात के बाद बताया कि लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाने वाली जंगल सफारी की महत्वाकांक्षी परियोजना पूरे एनसीआर को हरित और टिकाऊ पर्यावरण की दिशा में नई पहचान दिलाएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चार फेज में विकसित की जाएगी। जिसमें पहले फेज में 2500 एकड़ क्षेत्र को परियोजना के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले फेज का कार्य जल्द शुरू होगा। राव ने कहा कि यह परियोजना हरित पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन्यजीवों के संरक्षण में भी एक अहम भूमिका निभाएगी।
विश्व स्तर की सुविधाओं से युक्त होगी सफारी
उन्होंने बताया कि इस परियोजना को वैश्विक स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित करने और इसके निर्माण में सर्वाेत्तम मॉडल को अपनाने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ मिलकर हाल ही में गुजरात के जामनगर स्थित ‘वंतारा’ जंगल सफारी का दौरा किया। इस विजिट से परियोजना के तकनीकी, संरचनात्मक और संरक्षण आधारित पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने परियोजना को मूर्त रूप देने का दिया भरोसा
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस अवसर पर आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को तेजी से मूर्त रूप देने हेतु हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली व एनसीआर जैसे अति-शहरीकृत क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए संतुलित इकोसिस्टम की आधारशिला भी रखती हैं।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह जंगल सफारी न केवल देश-विदेश से पर्यावरण प्रेमियों को आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति और हरियाणा की हरित छवि को वैश्विक पहचान भी दिलाएगी।