गुरुग्राम। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर–46 में 11 फरवरी 2026 को जूनियर वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘स्पर्धा’ का आयोजन पूरे जोश, उत्साह और देशभक्ति के रंग में किया गया। कक्षा पहली से चौथी तक के नन्हे खिलाड़ियों के लिए आयोजित यह स्पोर्ट्स डे इस बार खास था, क्योंकि इसका विषय था “वंदे मातरम् के 150 वर्ष”। स्कूल परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कुल 1148 विद्यार्थियों ने इस खेल महोत्सव में भाग लेकर मैदान को ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. श्रीमती अमिता चौहान, चेयरपर्सन एमिटी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मार्गदर्शन और विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. आरती चोपड़ा के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक स्वागत और खेल मशाल प्रज्वलन से हुई, जो खेल भावना और एकता का प्रतीक है। इसके बाद “नमामि भारत” थीम पर परेड परकशन बैंड की शानदार प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जोश से भर दिया। ढोल-नगाड़ों की ताल पर सजे-धजे बच्चों की कदमताल ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।


स्कूल के लोकप्रिय शुभंकर ‘शेरा द टाइगर’ भी पूरे समय मैदान में मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी से बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया। बच्चे उनके साथ फोटो खिंचवाते और हाथ हिलाते नजर आए। प्रधानाचार्या डॉ. आरती चोपड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास को जीवन में आगे बढ़ने की कुंजी बताया।


इस अवसर पर खेल जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद रहीं। रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं और उत्तर भारत की पहली महिला तैराक सुश्री शिवानी कटारिया ने बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके साथ युवा क्रिकेटर श्री आर्यन कपूर और कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन व एशियन चैंपियनशिप पदक विजेता श्री राजेश कुमार भी उपस्थित रहे। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने बच्चों में खेलों के प्रति नया उत्साह भर दिया। स्पोर्ट्स कंसल्टेंट कर्नल बी. एस. अहलूवालिया ने भी फिटनेस और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान योग, मास ड्रिल, जुम्बा, स्केटिंग, ताइक्वांडो और एरोबिक्स जैसी रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देशभक्ति गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक रंग भी दिया। इसके अलावा बच्चों के लिए अलग-अलग मजेदार दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें भाग लेते हुए बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
खास बात यह रही कि अभिभावकों के लिए भी प्रतियोगिताएं रखी गईं। माताओं और पिताओं के लिए 50 मीटर रेस और रस्साकशी का आयोजन किया गया। अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बच्चों के साथ-साथ खुद भी खेल भावना का परिचय दिया।
अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। तालियों की गूंज के बीच बच्चों के चेहरे गर्व से खिल उठे। धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
‘स्पर्धा 2026’ सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, एकता और देशभक्ति का उत्सव बनकर सामने आई, जिसने सभी के दिलों में यादगार पल संजो दिए।



