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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
ढाई साल बाद जेल से बाहर आएगा मोनू मानेसर, जयपुर हाईकोर्ट से जुनैद-नासिर केस में जमानत
हरियाणा के गुरुग्राम निवासी और स्वयंभू गौ-रक्षक के रूप में पहचाने जाने वाले मोनू मानेसर को राजस्थान के चर्चित जुनैद-नासिर हत्याकांड में जमानत मिल गई है। Jaipur High Court ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान मोनू मानेसर की जमानत याचिका मंजूर कर ली। लगभग ढाई साल बाद उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

हालांकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में अभी एक-दो दिन लग सकते हैं। मोनू मानेसर के एडवोकेट के अनुसार, गुरुग्राम के एक अन्य मामले में अभी बॉन्ड भरना बाकी है। बॉन्ड भरने के बाद ही मोनू मानेसर की जेल से रिहाई संभव हो पाएगी।
2023 में गुरुग्राम से हुई थी गिरफ्तारी
मोनू मानेसर, जिसका असली नाम मोहित यादव है, गुरुग्राम के मानेसर गांव का रहने वाला है। उसे 12 सितंबर 2023 को गुरुग्राम पुलिस ने मानेसर के सेक्टर-1 मार्केट से गिरफ्तार किया था। उस पर पटौदी इलाके में एक विवाद के दौरान फायरिंग करने का आरोप लगाया गया था।
नूंह दंगे और सोशल मीडिया पोस्ट भी बने विवाद की वजह
अगस्त 2023 में नूंह में नल्हड़ महादेव मंदिर की जलाभिषेक यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ पोस्ट साझा करने को लेकर भी मोनू मानेसर का नाम सामने आया था। इसके बाद उसे Nuh Violence 2023 मामले में भी आरोपी बनाया गया। बाद में राजस्थान पुलिस ने उसे जुनैद-नासिर हत्याकांड की जांच के सिलसिले में ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। यह मामला फरवरी 2023 में सामने आया था, जब राजस्थान के दो युवकों के शव जली हुई गाड़ी में मिले थे।
दूसरे मामलों में पहले ही मिल चुकी जमानत
पटौदी फायरिंग केस और नूंह दंगे के मामले में मोनू मानेसर को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। हालांकि जुनैद-नासिर हत्याकांड में जमानत न मिलने के कारण वह अब तक जेल में था। अब जयपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
समर्थकों में खुशी का माहौल
मोनू मानेसर खुद को लंबे समय से गौ-रक्षा गतिविधियों से जुड़ा बताता रहा है। उसके समर्थकों का दावा है कि वह और उसकी टीम वर्षों से गौ तस्करी रोकने के लिए रात-रात भर सड़कों पर निगरानी करते रहे हैं। जमानत की खबर मिलने के बाद उसके गांव और परिवार में खुशी का माहौल बताया जा रहा है।




