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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
चंडीगढ़, 21 मार्च: डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा पुलिस ने ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप खासतौर पर एक्सटॉर्शन कॉल्स, फर्जी नंबरों और साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए तैयार किया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने पंचकूला में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह ऐप नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, मैसेज और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।

कैसे काम करता है ‘अभेद्य’ ऐप?
यह ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों की पहचान कर उन्हें यूज़र तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर देता है। खास बात यह है कि यह अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें खुद रिजेक्ट कर देता है। सिर्फ कॉल ही नहीं, बल्कि संदिग्ध मैसेज, वॉयस नोट और नोटिफिकेशन को भी यह ऐप डिवाइस से हटा देता है, जिससे यूज़र मानसिक दबाव और डर से बच सके।
क्राइम पर दिखा असर
हरियाणा पुलिस के मुताबिक, जनवरी और फरवरी 2026 में एक्सटॉर्शन कॉल्स में करीब 40% और कुल अपराध में 8% की कमी दर्ज की गई है।
अभेद्य-2.0: और एडवांस सुरक्षा
अपडेटेड वर्जन ‘अभेद्य-2.0’ में यूज़र अपनी सेटिंग के अनुसार संदिग्ध घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को ब्लॉक कर सकेंगे। साथ ही, केवल सेव और वेरिफाइड नंबरों से ही कॉल की अनुमति दी जाएगी।
ड्यूल OTP सिस्टम भी जल्द
“डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस जल्द ही ड्यूल OTP सिस्टम लागू करने जा रही है। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के बैंक ट्रांजेक्शन के लिए दो लोगों की मंजूरी जरूरी होगी।
कैसे डाउनलोड करें ऐप?
इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए नागरिकों को अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) से संपर्क करना होगा। अधिकृत एक्सेस मिलने के बाद ही इसका उपयोग किया जा सकेगा।
Bottom Line
‘अभेद्य’ सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में एक “बॉडीगार्ड” है जो कॉल आने से पहले ही खतरे को दरवाजे पर रोक देता है।




