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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
हरियाणा के गुरुग्राम में एक बार फिर लिफ्ट सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। सेक्टर 70A स्थित पारस एरेन सोसायटी में एक लिफ्ट हादसे ने रेजिडेंट्स के बीच दहशत फैला दी। इस घटना में पूजा के लिए आए एक पुजारी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब पुजारी अकेले लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे थे। अचानक लिफ्ट ने नियंत्रण खो दिया और ऊपर की मंजिल से तेजी से नीचे की ओर गिरने लगी। इस दौरान लिफ्ट के अंदर लगे शीशे टूट गए और उनके टुकड़े पुजारी के ऊपर गिर पड़े, जिससे उनके सिर और शरीर पर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचकर अपने आप खुल गई, जिससे आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल पुजारी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इस पूरी घटना का वीडियो लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो अब सामने आ चुका है। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि लिफ्ट अचानक तेजी से नीचे गिरती है और अंदर मौजूद व्यक्ति पर कांच के टुकड़े गिरते हैं।
पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें
सोसायटी के निवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब लिफ्ट में इस तरह की समस्या सामने आई हो। उनका आरोप है कि पहले भी कई बार लिफ्ट में खराबी और झटके आने की शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
हादसे के बाद लोगों में डर का माहौल है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं और कई लोग फिलहाल लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं।
क्या सच में “फ्री फॉल” होती है लिफ्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक लिफ्ट सिस्टम में पूरी तरह फ्री फॉल की संभावना बेहद कम होती है। ज्यादातर मामलों में जो “फ्री फॉल” कहा जाता है, वह असल में अचानक तेज गति से नीचे खिसकना या गिरना होता है।
अगर कभी ऐसी स्थिति बनती है, तो घबराने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि व्यक्ति को लिफ्ट के फर्श पर पीठ के बल लेट जाना चाहिए और अपने सिर व चेहरे को हाथों से ढक लेना चाहिए। कूदने की कोशिश करने से चोट और ज्यादा गंभीर हो सकती है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गुरुग्राम में लिफ्ट से जुड़ी घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले विपुल स्क्वायर मॉल में लिफ्ट बंद हो जाने से सात युवक-युवतियां अंदर फंस गए थे। करीब 15 मिनट तक उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके बाद पुलिस को सूचना देनी पड़ी।
वहीं, कुछ महीने पहले सेक्टर 34 स्थित मार्बल मार्केट में एक दर्दनाक हादसे में एक युवक की जान चली गई थी। वह माल ढुलाई वाली लिफ्ट में फंस गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
निष्कर्ष
गुरुग्राम में बार-बार सामने आ रहे लिफ्ट हादसे यह संकेत देते हैं कि ऊंची इमारतों की चमक के पीछे सुरक्षा व्यवस्था अभी भी अधूरी है। नियमित मेंटेनेंस और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई ही ऐसे हादसों को रोक सकती है।




