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Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
गुड़गांव।
गुड़गांव जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने कंपनी को 62 वर्षीय रघुवीर को क्रेडिट कार्ड अकाउंट का एनओसी जारी करने और उनका सिबिल स्कोर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा और 11 हजार रुपये केस खर्च चुकाने का भी आदेश दिया गया है।
गुड़गांव सैक्टर 14 के रघुवीर सैनी ने शिकायत की थी कि उन्होंने वर्ष 2018 में एसबीआई कार्ड्स के साथ फुल एंड फाइनल सेटलमेंट किया था। कंपनी ने उनके 3.11 लाख रुपये के बकाए को मात्र 1.35 लाख रुपये में सेटल करने का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने किश्तों में पूरा भुगतान कर दिया। इसके बावजूद कंपनी ने न तो एनओसी जारी की और न ही उनका सिबिल स्कोर अपडेट किया। उल्टा, लगातार मैसेज भेजकर बकाया मांगती रही और सिबिल खराब करने की धमकियां देती रही।

कंपनी की ओर से सेवा में कमी
कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता ने पूरे 1.35 लाख रुपये की किश्तें समय पर या थोड़ी देरी से चुकता कर दी थीं। कंपनी ने चौथी किश्त की देरी पर सेटलमेंट रद्द होने की कोई सूचना नहीं दी और बाकी किश्तें भी स्वीकार करती रही। इसलिए कोर्ट ने माना कि अब कंपनी को यह कहने का कोई अधिकार नहीं है कि सेटलमेंट रद्द हो गया। कोर्ट ने कहा कि यह कंपनी की ओर से सेवा में कमीहै।
केस खर्च के पैसे भी देने होंगे
आयोग के प्रेसिडेंट संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि एसबीआई कार्ड्स को एनओसी जारी करना होगा। साथ ही शिकायतकर्ता का सिबिल स्कोर भी अपडेट करना होगा। कोर्ट ने कहा कि 20 हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना व 11 हजार रुपये केस खर्च के रूप में दिए जाएं।




