Bilkul Sateek News
Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर तेज रफ्तार गाड़ी चालक की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। टोयोटा फॉर्च्यूनर कार ने मारुति सैलिरियो को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही सैलिरियो कार में 2 वर्ष की बच्ची मां की गोद से उछलकर खिड़की से बाहर गिर गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंप दिया है। अलीपुर थाना पुलिस फॉर्च्यूनर कार चालक का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 2 बजे खामपुर गांव की रेड लाइट के पास यह हादसा हुआ। रविंद्र ने बताया कि वह सैलिरियो कार में सवार होकर दिल्ली से सोनीपत जा रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें ड्राइवर भी शामिल था। ट्रैफिक सिग्नल हरा होने पर सैलिरियो आगे बढ़ी ही थी कि पीछे से तेज रफ्तार में आ रही टोयोटा फॉर्च्यूनर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मारुति सैलिरियो घूम गई और सड़क के बीच बने डिवाइडर से टकरा गई। इस टक्कर में पीछे बैठी मां की गोद से 2 वर्षीय बच्ची फिसलकर खिड़की से बाहर जा गिरी। बच्ची बेहोश हो गई। परिजन उसे हरिश्चंद्र अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविंदर और बच्ची की मां को भी चोट आई।दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
फॉर्च्यूनर चालक फरार
टक्कर के बाद फॉर्च्यूनर गाड़ी का ड्राइवर मौके पर ही गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद व गाड़ी के नंबर से आरोपी को पकड़ने की कोशिश कर रही है। मामले की जांच अब आउटर नॉर्थ जिले की विशेष एमएसीटी सेल को सौंपी गई है, ताकि फरार ड्राइवर को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
रोज होते हैं सड़क पर हादसे
यह पहली बार नहीं है जब जीटी रोड पर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला हो। हर रोज कोई न कोई इस रोड पर तेज रफ्तार के सामने दम तोड़ देता है। यहां पर नियमों को ताक पर रखकर गाड़ी फर्राटा भरती नजर आती हैं। आसपास के गांवों के लोग इस बारे में कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। इतनी तेज रफ्तार रोज लोगों की जिंदगी लील रही है। इसलिए इन पर लगाम लगाने की जरूरत है।
पैदल यात्री परेशान
पैदल चलने वालों को यहां पर सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। फुटओवर ब्रिज न होने की वजह से उन्हें सड़क के बीचोंबीच से जाना पड़ता है। जिस वजह से वह तेज रफ्तार गाड़ियों की चपेट में आ जाते हैं। बता दें कि जीटी करनाल रोड के आसपास काफी स्कूल, कॉलेज व अन्य संस्थान हैं। इसके अलावा यहां पर फैक्ट्रियां भी हैं। विद्यार्थी व कामगार पैदल ही जीटी करनाल रोड के एक साइड से दूसरी साइड जाते हैं। फुटओवर ब्रिज न होने की वजह से उन्हें रोड के बीचोंबीच जाना पड़ता है। इस वजह से गाड़ी उन्हें टक्कर मार देती हैं और उनकी मौत हो जाती है। इसको लेकर लोग कई बार धरना दे चुके हैं। लेकिन संबंधित विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगती।




