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गुरुग्राम, 3 अप्रैल। देश में नए कानून लागू होने के बाद गुरुग्राम की एक अदालत ने 6 महीने के अंदर ही 3 आरोपियों को सजा सुनाई है। अदालत ने सवारियों का सामान लूटने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इसके साथ तीनों पर जर्माना भी लगाया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल 12 अक्टूबर की रात को एक व्यक्ति ने थाना मानेसर में एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि 11/12 अक्टूबर की रात को वह मानेसर के नजदीक हाइवे पर किसी वाहन के इंतजार में खड़ा था। तभी वहां पर एक गाड़ी आई जिसमें तीन व्यक्ति बैठे थे, जिन्होंने उकहा कि गुरुग्राम जाना है तो गाड़ी में बैठ जाओ तो यह उसमें बैठ गया। इसके बाद कुछ दूरी पर चलने के बाद गाड़ी में बैठे लोगों द्वारा चाकू दिखाकर उससे पर्स ले लिया और उसको उतारकर भाग गए। पर्स में इसका आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और रुपये थे। प्राप्त शिकायत पर थाना मानेसर में मामला दर्ज किया गया था।
अपराध शाखा मानेसर के इंचार्ज उप-निरीक्षक ललित कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में 3 आरोपियों को उसी दिन यानि 12 अक्टूबर को गांव शिकोहपुर के नजदीक से पकड़ लिया था। आरोपियों की पहचान रमेश, गंगाराम उर्फ सन्नी व के. सेलवराज तीनों निवासी त्रिलोकपुरी मयूर विहार फेज-1, दिल्ली के रूप में हुई थी।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी किसी अकेले व्यक्ति को सवारी के रूप में गाड़ी में बैठा लेते और उसको अपना परिचय पुलिसकर्मी के रूप में कराते, फिर वे अपने मोबाइल में पहले से रिकॉर्ड की गई एक वीटी चलाते जिसमें किसी अपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को काबू करने के लिए सवारियों को, उनके समान को चैक करने की बात रिकॉर्ड थी। फिर वे सवारी के सामान की तलाशी लेते और धोखाधड़ी से उसका सामान, पर्स, नगदी आदि निकाल लेते थे। फिर एक दूसरी वीटी चलाते जिसमें अपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों को काबू कर लिया गया है तुम वापस आ जाओ रिकॉर्ड था। यह वीटी चलाने के बाद वह सवारी को वहीं पर छोड़कर चले जाते। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में दिल्ली एनसीआर, केएमपी एक्सप्रेस-वे, उत्तर-प्रदेश से इसी प्रकार से करीब 50 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया था। उनके अपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से रमेश पर चोरी करने, शस्त्र अधिनियम, धोखाधड़ी के संबंध में 3 मामले और आरोपी सेलवराज पर चोरी करने के संबंध में 1 अभियोग दिल्ली में दर्ज है।
पुलिस ने आरोपियों के पास वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई 1 कार (ईको-स्पोर्ट), 1 चाकू और पीड़ित व शिकायतकर्ता का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और 7 हजार रुपये की नगदी बरामद की थी।
पुलिस तीनों की गिरफ्तारी के बाद मामले की तफ्तीश नए कानूनों के अनुरूप की गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाह जुटाए और अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की गई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों को धारा 309(4) बीएनएस के तहत 10-10 साल की कैद (कठोर कारावास) और 30-30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में नए कानूनों के तहत प्रभावी पुलिस कार्रवाई की और अदालत ने नए कानून के अनुरूप सुनवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों को मात्र 6 महीने के अंदर सजा सुनाई गई। नए कानूनों के तहत यह पहला मामला है, जिसमें सजा सुनाई गई है।