Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
साइबर सिटी की चमकती पहचान वाले Gurugram के जैकमपुरा वार्ड नंबर 27 का सैनी मोहल्ला इन दिनों विकास कार्यों की रफ्तार नहीं, बल्कि उनकी लापरवाही की मार झेल रहा है। सीवर लाइन डालने का काम पिछले नौ दिनों से जारी है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी ने इस परियोजना को स्थानीय लोगों के लिए खतरे की वजह बना दिया है। हाल ही में एक स्कूली छात्र का गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर जाना इस लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है।

मोहल्ले की गलियों में जगह जगह खोदे गए गहरे गड्ढे किसी खुले जाल की तरह फैले हुए हैं। न तो उनके आसपास बैरिकेडिंग की गई है, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऊपर से सीवर टूटने के कारण कई गड्ढे पानी से लबालब भरे हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। सोमवार को स्कूल से घर लौट रहा एक छात्र इन्हीं हालात का शिकार हो गया। रास्ता पार करते समय वह पानी से भरे गड्ढे में फिसलकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि आसपास मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गुरुग्राम के सैनी मोहल्ले में सीवर गड्ढे में गिरा छात्र, विकास कार्यों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ दिखता है कि सामान्य दिन की तरह घर लौटता बच्चा अचानक संतुलन खो देता है और गड्ढे में समा जाता है। कुछ ही सेकंड में वहां अफरा तफरी मच जाती है। परिजन दौड़कर पहुंचते हैं और बच्चे को बाहर निकालते हैं। इस दृश्य ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़क ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई घरों के सामने रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने ही घरों में प्रवेश करने के लिए पड़ोसियों की छतों से होकर गुजरना पड़ रहा है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते। हर गुजरते दिन के साथ किसी बड़े हादसे का डर लोगों के मन में गहराता जा रहा है।
मोहल्ले में रहने वाली मीना गौरव समेत कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। यदि समय रहते बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते कदम तभी सार्थक होंगे, जब विकास के साथ साथ नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए। फिलहाल सैनी मोहल्ले के लोग प्रशासन से जवाब और ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि उनकी गलियां फिर से सुरक्षित हो सकें।




