पूर्ण सद्गुरु द्वारा दिव्य दृष्टि प्राप्त कर, घट में करें ईश्वर का साक्षात् दर्शन
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 11 नवंबर। सेक्टर 10 में यूरो इंटरनेशनल स्कूल के पास स्थित हुडा ग्राउंड में सात दिवसीय भगवान शिव कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसका आयोजन दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान गुरुग्राम द्वारा किया जा रहा है। कथा का आयोजन रोजाना शाम 5 से रात 8.30 बजे तक किया जा रहा है। जिसमें हजारों श्रद्धालु ने शिव कथा का श्रवण कर रहे हैं।
भगवान शिव कथा के तृतीय दिन दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के शिष्य डॉ. सर्वेश्वर ने सती प्रसंग का सुमधुर भजनों व चौपाइयों के साथ व्याख्यान किया। भगवान शिव अपनी अर्धांगिनी सती को संग लेकर अगस्त्य मुनि के आश्रम में प्रभु राम की पावन कथा श्रवण करने जाते हैं, परंतु तर्कबुद्धि से प्रेरित हुईं सती कथा का मर्म ही नहीं जान पातीं। जिस कारण जब वह प्रभु श्री राम को साधारण नर-लीला करते हुए देखती हैं तो उन्हें संशय आ जाता है कि वह ईश्वर जो परब्रह्म, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, मायारहित और इच्छारहित है, वह शरीर कैसे धारण कर सकता है। महादेव के कहने पर वह प्रभु श्री राम की परीक्षा लेने गईं तो विफल हो गईं। आकर शिव से असत्यवादन कर दिया जिसके कारण उनका शिव से पुनः वियोग हो गया।
भगवान शिव स्वयं अपने मुख से बताते हैं कि ईश्वर तर्क-वितर्क, मन, वाणी और बुद्धि से अति परे है। तर्क बुद्धि से दिया जाता है और जिसकी बुद्धि जितनी अधिक तीव्र होगी, वह उतना ही अच्छा तर्क देगा। रावण ने भी, जो वेदों का ज्ञाता था, बुद्धि से राम जी को समझने का प्रयास किया और विफल हो गया। ईश्वर तर्क का नहीं, अपितु प्रत्यक्ष दर्शन का विषय है। समय के पूर्ण सद्गुरु द्वारा दिव्य दृष्टि उद्घाटित होने के पश्चात ही ईश्वर को देखा व समझा जा सकता है। अतः एक तत्ववेत्ता सद्गुरु की कृपा से ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर उस ईश्वर का घट में दर्शन प्राप्त करना चाहिए। कथा का समापन प्रभु की पावन आरती से किया जाएगा।


तृतीय दिवस के यजमान रहेः अरुण अग्रवाल एवं संगीता अग्रवाल, बलदेव सैनी एवं माया सैनी, गजानंद शर्मा एवं ममता शर्मा, महावीर सिंह यादव एवं सुशीला यादव। यजमानों के साथ-साथ अनेक विशिष्ट अतिथिगण ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की, जिनमें मुख्य रूप सेः धर्मपत्नी समेत पी. राघवेंद्र राव आईएएस (से.नि.), पूर्व अध्यक्ष हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पी.सी. सैनी धर्मपत्नी समेत, अधिवक्ता एवं भाजपा जीएसटी समन्वयक जिला गुरुग्राम बोधराज सिकरी, उपाध्यक्ष सीएसआर ट्रस्ट हरियाणा सुरिंदर खुल्लर, अध्यक्ष केंद्रीय सनातन धर्म सभा मनजीत सिंह नंदल एवं रेनुका नंदल (एचसीएस) एसडीएम बेरी-झज्जर सम्मिलित रहे।




