संघ शताब्दी वर्ष पर GNH कन्वेंशन सोहना रोड में प्रमुख जन गोष्ठी
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 18 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) शताब्दीवर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें गुरुग्राम के नवीन भाग के समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लगभग तीन सौ लोगों ने भाग लिया। गोष्ठी में विश्व हिन्दू परिषद् के अन्तर्राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन, मुख्य अतिथि पूर्व राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारी (IRS ) मोहनीश वर्मा, गुरुग्राम नवीन भाग के संघचालक रमेश गुप्ता, गुरुग्राम विभाग के कार्यवाह बृजेश चौहान और गुरुग्राम महानगर संघ चालक जगदीश ग्रोवर विशेष तौर पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुत्रवधु नीरा शास्त्री भी अपस्थित रही ।
सोहना रोड स्थित GNH कन्वेंशन में आयोजित इस गोष्ठी के मुख्य अतिथि विश्व हिन्दू परिषद् अन्तर्राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि आज के बदलते समाज के परिवेश में जो एक बड़ी चुनौती उभर कर आ रही है और वह है टूटते परिवार। उन्होंने चेताया कि परिवार के टूटने से न केवल व्यक्तिगत हानि होती है, बल्कि इससे पहले समाज टूटता है और फिर देश टूटता है। परिवार व्यवस्था भारत की देन है और यह केवल सुख के लिए नहीं, बल्कि समाज कल्याण के लिए है।
इससे संबधित कुटुम्भ प्रबोधन के विषय पर बोलते हुए डॉ. जैन के कहा कि हमें सबको मिलकर इस परिवार व्यवस्था को बचाना है तथा देश को एक करके रखना है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बड़े ही उत्क्रिष्ठ तरीके से कार्य कर रहा है तथा परिवार व्यवस्था को समाज में बढ़ावा दे रहा है।
देश एक सर्वोच्च मेडिकल संसथान AIIMS द्वारा कि गई एक शोध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि टूटते परिवारों के बच्चे अधिकतर मानसिक तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित पाय गए हैं। अगर परिवार टूटते है तो इस तरह कि समस्याएं और बढ़ेंगी। इस समस्या को हल करने के लिए उन्होंने सभी को परिवार के साथ मिल बैठ कर समय व्यतीत करने तथा मोबाइल उपवास करने तक कि सलाह भी दी।
इसके अतिरिक्त विश्व हिन्दू परिषद् अन्तर्राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव ने पंचपरण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा स्वयंबोध के विषयों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पूर्व राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारी (IRS ) मोहनीश वर्मा ने स्वचरित्र के निर्माण के विषय पर लोगों का ध्यान केंद्रित कराया। उन्होंने कहा कि आज का समाज हर चीज़ को द्रुतगति से पा लेना चाहता है। एक और समस्या जो समाज में परेशान करने वाली है वह है भौतिकवाद। आजकल बहुत से समाज के लोग हर बात को रुपया पैसा और धन अर्जन से जोड़ कर देखते है, जो कि एक गलत बात। लोगों को स्वचरित्र का निर्माण करते हुए समाज के चरित्र का भी निर्माण करना पड़ेगा।
संघ शताब्दी वर्ष पर संघ की पृष्ठभूमि, विचारधारा तथा इसके द्वारा किए जा रहे कार्यों से परिचय करते हुए गुरुग्राम विभाग के कार्यवाह बृजेश चौहान ने उपस्थित श्रोतागण को संघ की स्थापना से लेकर आज तक की कार्यविधियों तथा पूरे देश में चल रहे प्रकल्पों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि संघ आज दुनिया के सबसे बड़े संगठन के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने आरएसएस संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारिवारिक अभाव व विपरीत परिस्थिति होने के बाद भी उन्होंने देश के लिए कार्य करने का संकल्प लिया औऱ आज दुनिया के सामने संघ का स्वरूप दिखाई दे रहा है।
इस अवसर पर मंच सञ्चालन रत्नेश तथा धन्यवाद ज्ञापन अनिल कश्यप ने किया।
आरएसएस के महानगर संघ चालक जगदीश ग्रोवर ने जानकारी देते हुए बताया कि आरएसएस गठन के सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। जिसे संघ शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। शताब्दीवर्ष में सात आयोजन किए जाने है। विजयदशमी उत्सव, नवम्बर दिसम्बर में सघन गृह संपर्क अभियान के बाद यह प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया है। उनके अनुसार गोष्ठी के लिए गुरुग्राम महानगर को दो भागों में बांटा गया है। गुरुग्राम नवीन भाग में होने वाली यह पहली गोष्ठी है। इसके अलावा गुरुग्राम विश्विद्यालय के साथ ही अन्य शिक्षण संस्थानों में आरएसएस सर संघचालक द्वारा सुझाए गए पंच परिवर्तन जिनमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब प्रबोधन व स्व का बोध स्वदेशी जीवन शैली शामिल है पर गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।



