गुरुग्राम, 13 फरवरी 2026।
साइबर और आर्थिक अपराधों पर नकेल कस रही गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-I (EOW-I) ने एक बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए 52 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने मृत असली मालिकों को जिंदा दिखाकर फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) तैयार कराई और करोड़ों रुपये में प्लॉट बेच डाला।

मामला 3 जुलाई 2025 को सामने आया, जब शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके दिवंगत ससुर-सास के नाम सुशांत लोक में एक मकान/प्लॉट था। नगर निगम में संपत्ति अपने नाम करवाने पहुंचने पर खुलासा हुआ कि उक्त प्लॉट की रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम हो चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने वजीराबाद, नोएडा (उत्तर प्रदेश) से फर्जी जीपीए बनवाकर 6 फरवरी 2025 को रजिस्ट्री करवाई, जबकि असली मालिक रविन्द्र कक्कड़ (निधन 2019) और संतोष कक्कड़ (निधन 2020) पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे।
इस संबंध में पुलिस थाना सुशांत लोक में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच EOW-I को सौंपी गई। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस तंत्र की मदद से टीम ने 12 फरवरी 2026 को पंजाब के खन्ना से आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हंसराज कुमार (52), निवासी खन्ना, जिला लुधियाना (पंजाब) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह टैक्सी चालक है और अपने साथी गौरव कटारिया के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। आरोप है कि फर्जी व्यक्तियों को असली मालिक बनाकर जीपीए तैयार कराई गई, फिर उसी आधार पर प्लॉट राहुल जोशी और सोनिया जोशी को लगभग 2 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि अन्य साथियों की पहचान, संभावित अन्य फर्जीवाड़ों का खुलासा और ठगी की रकम व दस्तावेजों की बरामदगी की जा सके। जांच जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।



