गुरुग्राम में फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी देकर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। Gurugram पुलिस की साइबर अपराध पश्चिम थाना टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो जियो सिम को ई-सिम में बदलकर क्यूआर कोड के जरिए कंबोडिया में बैठे ठगों तक पहुंचाता था।

मामले की शुरुआत 28 अक्टूबर 2025 को हुई, जब एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर खुद को एनआईए अधिकारी बताने वाले शख्स ने उसके बैंक खाते में 70 लाख रुपये की अवैध एंट्री का डर दिखाया। इसके बाद उसे “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर रकम ट्रांसफर करा ली गई। शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) श्री प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर संदीप कुमार की टीम ने आरोपी रजत (28), निवासी हासीमारा, जिला अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल को 8 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि रजत 1100 रुपये प्रति सिम के हिसाब से फर्जी सिम खरीदता, उन्हें एप्पल फोन से ई-सिम में कन्वर्ट करता और टेलीग्राम के माध्यम से कंबोडिया भेज देता। हर ई-सिम के बदले उसे 22 USDT मिलते थे।
आरोपी अब तक लगभग 2100 ई-सिम कंबोडिया भेज चुका है। इतना ही नहीं, वह फर्जी लोन ऐप को एप्पल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर एनरोल कराकर उनके रजिस्ट्रेशन नंबर भी साइबर ठगों को देता था। प्रति ऐप एनरोलमेंट उसे 3000 रुपये मिलते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसे कुल 19050 USDT मिले, जिन्हें उसने EQUITAS ऐप के जरिए रुपये में बदलकर अपने खाते में ट्रांसफर किया और जयपुर, गोवा समेत अन्य स्थानों पर खर्च कर डाले।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 87 जियो सिम कार्ड, 42 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किया है। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अदालत में पेशी के बाद रजत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के इस नेटवर्क की परतें अभी और खुल सकती हैं।



