गुरुग्राम, 14 फरवरी 2026। साइबर अपराध दक्षिण थाना पुलिस ने व्हाट्सऐप के जरिए कंपनी के फर्जी मालिक बनकर अकाउंटेंट से लाखों रुपये ट्रांसफर करवाने के मामले में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस केस में अब तक कुल 19 आरोपियों को काबू किया जा चुका है।
पुलिस को 27 मई 2025 को एक निजी कंपनी में कार्यरत अकाउंटेंट ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे व्हाट्सऐप पर कंपनी के मालिक बनकर मैसेज भेजे गए और जरूरी भुगतान का हवाला देते हुए रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया। विश्वास में लेकर उससे बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली गई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) श्री प्रियांशु दीवान, HPS के नेतृत्व में और थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अमित (30), निवासी सुरखपुर जिला रेवाड़ी, और दीपांशु उर्फ चिंटू (27), निवासी गांव गुडियानी जिला रेवाड़ी के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि में से 9 लाख 60 हजार रुपये अमित के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अमित ने अपना बैंक खाता 5 हजार रुपये में दीपांशु को बेच दिया था। इसके बाद दीपांशु ने वही खाता 10 हजार रुपये में आगे किसी अन्य आरोपी को उपलब्ध करा दिया। पुलिस का कहना है कि इस तरह बैंक खातों की खरीद-फरोख्त कर साइबर ठग गिरोह ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करते हैं।
अमित को 12 फरवरी 2026 को रेवाड़ी से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं दीपांशु को 13 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को 14 फरवरी 2026 को पुनः माननीय अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले कॉल या मैसेज की सत्यता की पुष्टि अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।



