Bilkul Sateek News
Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
गुड़गांव।
पढ़ाई की चिंता और आर्थिक तंगी ने एक मेधावी छात्र को मौत के रास्ते पर धकेल दिया! फर्रुखनगर में 10वीं कक्षा के एक होशियार छात्र ने अपनी मां की चुन्नी से फंदा लगाकर जान दे दी। उसने स्कूल परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। एेसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या स्कूल-कॉलेज की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ता दबाव और परिवार की आर्थिक मजबूरी उन्हें इस कदर तोड़ रही है?

छात्र मूल रूप से बिहार के छपरा जिले का रहने वाला था। उसके पिता फर्रुखनगर के एक निजी स्कूल में चपरासी हैं और मां एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। परिवार पिछले 15 साल से स्कूल परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में रह रहा था। परिवार और पड़ोसियों के अनुसार छात्र पढ़ाई में बहुत होशियार था। वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली के जनकपुरी के एक कोचिंग सेंटर में दाखिला लेना चाहता था। उसकी मां ने वहां पांच हजार रुपये देकर रजिस्ट्रेशन भी करवा दिया था, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण आगे की फीस और व्यवस्था नहीं हो पाई।
सोमवार शाम करीब 6 बजे जब छात्र की मां काम से घर लौटीं तो उन्होंने कमरे में अपने बेटे को अपनी ही चुन्नी से फंदे से लटका देखा। यह देख मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह भिजवा दिया है। संबंधित पुलिस अधिकारी इसे आत्महत्या का मामला मान कर चल रहे हैं।




