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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
देव समाज विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चल रहे भारतीय भाषा संस्कृत समर कैंप के चौथे दिन बच्चों ने संस्कृत भाषा के साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक खान-पान को करीब से जाना। कार्यक्रम का माहौल पूरे दिन उत्साह और नई चीजें सीखने की ऊर्जा से भरा रहा।

इस बार की गतिविधियों का केंद्र रहा कर्नाटक का प्रसिद्ध संस्कृत ग्राम मत्तूर। बच्चों को गांव की संस्कृति, वहां के पारंपरिक भोजन और दक्षिण भारत खासकर कर्नाटक की खान-पान परंपरा के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि स्वास्थ्यवर्धक और पारंपरिक भोजन भारतीय जीवनशैली का अहम हिस्सा है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने खुद भी कई खाद्य पदार्थ तैयार किए। विद्यार्थियों ने संस्कृत में तक्रम् (छाछ), निम्बूक जलम् (नींबू पानी) और फल-मिश्रणम् (फ्रूट चाट) बनाकर सीखा। साथ ही उन्होंने इन व्यंजनों के संस्कृत नाम और उनके महत्व को भी समझा।
समूह गतिविधियों के दौरान बच्चों ने रचनात्मकता, टीमवर्क और स्वच्छता का भी अच्छा परिचय दिया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे कार्यक्रम यादगार बन गया।
संस्कृत समर कैंप का चौथा दिन बच्चों के लिए सीखने, संस्कृति को समझने और भारतीय भाषाओं से जुड़ने का एक खास अनुभव रहा।
