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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में ट्रांसपोर्ट हड़ताल का असर, माल ढुलाई प्रभावित होने से उद्योगों की बढ़ी चिंता
दिल्ली-एनसीआर में माल परिवहन व्यवस्था गुरुवार से प्रभावित नजर आने लगी है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर शुरू हुई तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का असर गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। हड़ताल के चलते दिल्ली की ओर जाने वाले कई कॉमर्शियल वाहनों और ट्रकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने लगा है।

ट्रांसपोर्ट संगठनों के मुताबिक 21 मई से 23 मई तक दिल्ली सीमा में माल ढुलाई से जुड़े वाहनों की एंट्री सीमित रखी जाएगी। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते नियम, नए प्रतिबंध और ग्रीन टैक्स जैसी व्यवस्थाओं से उनका परिचालन खर्च बढ़ रहा है, जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
उद्योगों पर असर की आशंका: गुरुग्राम को ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों का अहम केंद्र माना जाता है। यहां संचालित कई उद्योग माल की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में वाहन संचालन प्रभावित होने से कारोबार की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारिक जानकारों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
जरूरी सामानों की सप्लाई पर भी नजर: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परिवहन बाधित रहने की अवधि बढ़ती है तो फल, सब्जियां, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
बॉर्डर इलाकों में पुलिस सतर्क: हड़ताल को देखते हुए दिल्ली से जुड़े प्रमुख मार्गों और बॉर्डर क्षेत्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी शुरू की है। वहीं ट्रांसपोर्ट संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किए जाने की बात कही गई है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर आगे भी विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल उद्योग जगत और कारोबारियों की नजर आने वाले तीन दिनों की स्थिति पर टिकी हुई है।
