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Reporter: Sonu Rana
Author: Sonu Rana
नई दिल्लीः
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के बीआर अंबेडकर सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा को समर्पित एक भावपूर्ण नाटक ‘संघ गंगा के तीन भगीरथ’ का मंचन किया गया। दिल्ली प्रांत के संस्कार भारती और नागपुर के राधिका क्रिएशन के संयुक्त आयोजन में प्रस्तुत इस द्विअंकीय नाटक ने दर्शकों को राष्ट्र निर्माण के संघर्ष और समर्पण की पूरी गाथा से जोड़ दिया। नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीन प्रमुख स्तंभों की जीवन यात्रा को खूबसूरती से दिखाया गया। इनमें संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक मधुकर दत्तात्रेय देवरस (बाला साहब देवरस) शामिल हैं। संजय पेंडसे द्वारा निर्देशित और सारिका पेंडसे द्वारा निर्मित इस नाटक ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटक इतना प्रभावशाली था कि अंत में लोग खड़े होकर कलाकारों का जोरदार अभिवादन करने लगे।

कार्यक्रम में डॉ. दिनेश बुरानी (विभाग संघचालक, उत्तर विभाग), संजीव (विभाग कार्यावाह), संस्कार भारती के संरक्षक व प्रसिद्ध कवि राजेश चेतन, मनमोहन गुप्ता, संदीप सजर, डॉ. नागेंद्र, सत्यवान समेत 779 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनमें करीब 270 महिलाएं थीं। आयोजकों ने बताया कि नई पीढ़ी को संघ के संस्थापकों के त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से जोड़ना ही इस नाटक का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम के बाद सभी आगंतुकों को भोजन प्रसाद भी वितरित किया गया।




