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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 11 मार्च। शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने एक नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। अब शहर के सभी वार्डों के बीच “मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता” आयोजित की जाएगी, जिसमें हर महीने सफाई के आधार पर वार्डों का मूल्यांकन किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार, जिन वार्डों में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और कचरा प्रबंधन सही तरीके से किया जाएगा, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

100 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन
इस प्रतियोगिता में वार्डों को कुल 100 अंकों के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। इनमें नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, कचरा संवेदनशील स्थानों की सफाई, संकरी गलियों की साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता जैसे कई मानकों को शामिल किया गया है।
समिति करेगी निगरानी
वार्डों की सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन करने के लिए नगर निगम ने एक समिति बनाई है। इस समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त निगमायुक्त रविंद्र यादव होंगे। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी अभियंता, जनसंपर्क अधिकारी, कंसल्टेंट, आईईसी विशेषज्ञ और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर को भी सदस्य बनाया गया है।

इन बातों पर रहेगा खास फोकस
- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण
- आवासीय क्षेत्रों और पार्कों की सफाई
- संकरी गलियों और बैक लेन की सफाई
- कचरा संवेदनशील स्थानों (GVP) को हटाना
- सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और थूक के दाग न होना
- दुकानदारों द्वारा सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का पालन
- सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई
- सरकारी स्कूलों और आसपास के इलाकों की स्वच्छता
- आरडब्ल्यूए और नागरिकों की भागीदारी
- कचरे का स्रोत पर ही अलग-अलग करना
स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा
नगर निगम का मानना है कि इस प्रतियोगिता से वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को मासिक और सालाना स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि गुरुग्राम को साफ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। वहीं निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि प्रतियोगिता के जरिए वार्डों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी और तय मानकों के आधार पर अंक दिए जाएंगे, जिससे शहर में कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था और मजबूत होगी।




