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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 30 अक्टूबर। रोहतक में एमडी विश्वविद्यालय में कार्यरत महिला सफाई कर्मचारियों की माहवारी की समस्या को लेकर छुट्टी मांगने पर बेहूदा तरीके से कपड़े उतरवाकर उनकी जांच करवाने को लेकर जहां महिला आयोग चेयरपर्सन इस पर संज्ञान ले चुकी है। वहीं, आज फरीदाबाद में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने भी कड़ी आपत्ति जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो 3 नवंबर को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन होंगे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि एमडीयू यूनिवर्सिटी में 26 अक्टूबर को प्रदेश के राज्यपाल के आगमन को लेकर महिला सफाई कर्मचारी वहां ड्यूटी पर थी। उनमें महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म से संबंधित दिक्कत के चलते छुट्टी मांगने पर महिला द्वारा इसकी जांच करवाई गई और फोटो भी खींचे गए। जिसको लेकर रोहतक में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने विरोध प्रकट किया। इसके बाद हालांकि तीन कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और इस घटना पर वह सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं तथा सरकार से इस तरह की घटनाओं को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग करते हैं और यदि सरकार ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया तो 3 नवंबर को पूरे प्रदेश में सर्व कर्मचारी संघ प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है और वह कार्रवाई कर रहे हैं और उन्हें करनी भी चाहिए यह उनका काम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी विशेष परिस्थितियों में महिलाओं के लिए छुट्टी देने का कानून बना रखा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए ठेका प्रथा मुख्य रूप से दोषी है, क्योंकि इसके तहत काम करने वाले कर्मचारी खासकर सफाई कर्मचारियों को इंसान ही नहीं समझा जाता और निजीकरण की इन नीतियों ने कर्मचारियों को बंधवा मजदूर बना दिया है और रोहतक की घटना इसी प्रवृत्ति का नतीजा है जिसकी वह कड़ी निंदा करते हैं।




