
उद्योग मंत्री ने अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में दिए निर्देश
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 29 अगस्त। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुरुग्राम में कम से कम एक सेक्टर को मॉडल सेक्टर के रूप में विकसित किया जाए। इस सेक्टर में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, ड्रेनेज और पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हों तथा यह मॉडल सेक्टर के सभी मानकों को पूरा करे।
उक्त निर्देश उद्योग मंत्री ने स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में शुक्रवार को आयोजित बैठक के दौरान दिए। बैठक में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्यामल मिश्रा, नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, मानेसर निगमायुक्त आयुष सिन्हा, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव सहित जीएमडीए, नगर निगम, एचएसवीपी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
उद्योग मंत्री ने बैठक में सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, जल निकासी, खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने, सीएंडडी वेस्ट उठान, ड्रेनेज सफाई और सड़कों की स्थिति जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शीतला माता रोड पर बरसात के दौरान और बाद में पानी भरने की समस्या बनी रहती है, ऐसे में अधिकारी तुरंत जांच कर समाधान करें। साथ ही उन्होंने ड्रेनेज सफाई कार्यों की टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू करने और आगामी मानसून से पहले सफाई कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राव नरबीर सिंह ने नगर निगम अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने और वहां की स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और एक सप्ताह की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा पशु पकड़ो अभियान, सीएंडडी वेस्ट उठान, स्ट्रीट लाइट दुरुस्तीकरण और पेड़ों की छंटाई जैसे कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। वहीं जीएमडीए अधिकारियों ने सिवरेज ट्रीटमेंट और ड्रेनेज सफाई कार्यों की जानकारी साझा की।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शोधित पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिले।