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नई दिल्ली, 12 नवंबर। 1962 के ऐतिहासिक रेजांग ला युद्ध में लड़े 120 वीर अहीर सैनिकों की अमर शौर्यगाथा को फिल्म 120 बहादुर में तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने, वास्तविक तथ्यों को छिपाने और शहीदों का अपमान करने के आरोप में डॉ. टी.सी. राव संयोजक — Martyrs’ Family Welfare Foundation ने फिल्म निर्देशक रजनीश घई एवं निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के खिलाफ दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन एवं मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है।
वहीं, दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी मामले की जानकारी देते हुए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही फिल्म में शीर्षक को “120 वीर अहीर” में परिवर्तित न करने पर केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड में शिकायत कर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है।
यह पुष्टि हो चुकी है कि फिल्म में रेजांग ला युद्ध के वास्तविक नायकों की वीरता को दबाकर केवल एक व्यक्ति का अतिरंजित महिमामंडन किया गया है, जो शहीदों के सम्मान, इतिहास और राष्ट्रीय गौरव के साथ गंभीर खिलवाड़ है, और यह समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
इस शिकायत में प्रासंगिक कानूनी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत दी गई है। जिनमें धारा 153ए (समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास), धारा 295ए (इतिहास व आस्था के अपमान द्वारा भावनाओं को आहत करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास), धारा 499 व 500 (समुदाय व शहीदों की मानहानि), धारा 505(2) (द्वेष व वैमनस्य फैलाने वाला बयान), धारा 120बी (राष्ट्रीय इतिहास को विकृत करने व जनता को भ्रमित करने की आपराधिक साजिश) तथा धारा 182 व 186 (वैधानिक कार्य में बाधा व गलत सूचना) शामिल हैं। यादव समुदाय में इस गलत चित्रण के खिलाफ व्यापक रोष है और फिल्म के टीजर जारी होने से ही देशभर में विरोध, ज्ञापन और जनसभाएं शुरू हो चुकी हैं। शीर्षक परिवर्तन सहित सभी शांतिपूर्ण प्रयासों के बावजूद फिल्म निर्माताओं द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है, जिससे आक्रोश और गहरा हुआ है।




