Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 19 फरवरी। शहर को अवैध विज्ञापनों से मुक्त करने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम ने गुरुवार रात विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे और सेक्टर-66 क्षेत्र में समानांतर कार्रवाई की गई। दो दिनों तक चले इस विशेष ड्राइव में कुल 22 अवैध यूनिपोल हटाए गए।

दो स्थानों पर एक साथ कार्रवाई
नगर निगम की अलग-अलग टीमों ने रात के समय अभियान चलाते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे और सेक्टर-66 में अवैध रूप से लगाए गए यूनिपोलों को हटाया। रात में कार्रवाई करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि दिन के व्यस्त यातायात को प्रभावित किए बिना कार्य को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके। भारी मशीनों और तकनीकी उपकरणों की सहायता से यूनिपोलों को उखाड़कर जब्त किया गया।अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर ये यूनिपोल बिना किसी स्वीकृति के लगाए गए थे, जो न केवल नियमों का उल्लंघन थे बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते थे।
सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता
नगर निगम का कहना है कि अवैध यूनिपोल शहर की सुंदरता को प्रभावित करते हैं और कई बार दुर्घटनाओं का कारण भी बन जाते हैं। विशेष रूप से मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे पर लगे अवैध ढांचे वाहन चालकों का ध्यान भटका सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने ऐसे सभी ढांचों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।निगम प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शहर के सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित विकास के लिए विज्ञापन संरचनाओं का नियमानुसार होना आवश्यक है। बिना अनुमति लगाए गए यूनिपोल और होर्डिंग न केवल अवैध हैं, बल्कि इनके माध्यम से निगम को होने वाली राजस्व हानि भी एक गंभीर मुद्दा है।

विज्ञापन से 85.41 करोड़ रुपये की आय
नगर निगम के लिए विज्ञापन शुल्क आय का एक प्रमुख स्रोत है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक निगम के खजाने में विज्ञापन फीस के रूप में 85.41 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। यह राशि शहर के विकास कार्यों, आधारभूत ढांचे के सुधार और नागरिक सुविधाओं पर खर्च की जाती है।निगम अधिकारियों ने बताया कि यदि सभी विज्ञापनदाता स्वीकृत साइटों पर ही विज्ञापन लगाएं, तो राजस्व में और वृद्धि संभव है। इससे अवैध ढांचों की समस्या भी स्वतः कम होगी।
नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन ढांचे पूरी तरह अवैध हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को नियमित रूप से चलाया जाएगा।यदि किसी फर्म या विज्ञापनदाता का विज्ञापन अवैध साइट पर पाया जाता है, तो संबंधित फर्म से नियमानुसार तीन गुना शुल्क वसूल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
नागरिकों और विज्ञापनदाताओं से अपील
नगर निगम ने नागरिकों और विज्ञापनदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का विज्ञापन प्रदर्शित कराने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित साइट विधिवत स्वीकृत है। स्वीकृत साइटों की सूची निगम की आधिकारिक वेबसाइट www.mcg.gov.in पर उपलब्ध है।
निगमायुक्त ने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में सभी की सहभागिता आवश्यक है। अवैध यूनिपोल और होर्डिंग हटाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि गुरुग्राम को नियमसम्मत और व्यवस्थित विज्ञापन व्यवस्था वाला शहर बनाया जा सके।




