गुरुग्राम, 10 फरवरी।
7वीं बटालियन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), बठिंडा द्वारा ग्राम खत्रीका, तहसील सोहना, जिला गुरुग्राम में रसायनिक, जैविक, विकिरणीय एवं नाभिकीय (सीबीआरएन) आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने हेतु एक व्यापक मॉक एक्सरसाइज एवं जागरूकता प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आपात स्थितियों में प्रशासन, राहत एजेंसियों और स्थानीय स्तर पर समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार सोहना जगवीर सिंह ने की। उन्होंने एनडीआरएफ की टीम की कार्यकुशलता, अनुशासन एवं त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास आपदा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आमजन को भी ऐसी गतिविधियों से सीख लेकर आपदा के समय संयम और सतर्कता बरतने का आह्वान किया।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान पेट्रोलियम पाइपलाइन से संभावित रासायनिक रिसाव की परिकल्पना पर आधारित अभ्यास किया गया। इसमें घटना की पहचान, प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी, पीड़ितों का सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, डी-कंटैमिनेशन (शुद्धिकरण) प्रक्रिया तथा जन-सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों और मानक प्रक्रियाओं के माध्यम से यह दिखाया कि सीबीआरएन जैसी गंभीर आपदाओं से प्रभावी ढंग से कैसे निपटा जा सकता है।

इसके साथ ही एनडीआरएफ द्वारा एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें सीबीआरएन आपदाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी, आधुनिक बचाव एवं डिटेक्शन उपकरण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), आपात प्रतिक्रिया तकनीकें तथा जन-जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित व्यवहार और आत्म-सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
यह मॉक एक्सरसाइज एवं प्रदर्शनी सुपरवाइजिंग ऑफिसर देवेंद्र प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में तथा टीम कमांडर एवं सुपरवाइजर आशित के नेतृत्व में संपन्न हुई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन ने क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूती प्रदान की।



