गुरुग्राम | 11 फरवरी 2026
महिला उद्यमी 450 से ज्यादा स्टॉल के माध्यम से ‘मिनी इंडिया’ की खूबसूरत तस्वीर पेश कर रही हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित यह मेला ग्रामीण हस्तशिल्प, हथकरघा, प्राकृतिक उत्पादों और महिला सशक्तिकरण का सशक्त मंच बनकर उभरा है।

इस बार साउथ इंडियन स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। केरल पवेलियन में गुड़ की कॉफी, तीखे मसालों से बना विशेष गुड़, प्राकृतिक काली मिर्च, पॉम गुड़, ड्राई फ्रूट्स का अचार, सांभर मसाला और कस्तूरी हल्दी फेसपैक जैसी वस्तुएं लोगों का ध्यान खींच रही हैं। स्वाद के शौकीनों के लिए कटहल और केले के मीठे व चटपटे चिप्स, चावल की चकली और खजूर का अचार खास पसंद बन रहे हैं। इसके साथ ही केरल की पारंपरिक साड़ियां, टिश्यू साड़ी, लुंगी और धोती भी खरीदारों को खूब भा रही हैं।

तमिलनाडु स्ट्रीट की चमक भी कम नहीं है। यहां आर्टिफिशियल ज्वैलरी की विविधता लोगों को आकर्षित कर रही है। हाथ से बने पंचधातु के कंगन, नौलखा हार, असली मोतियों की मालाएं, झुमके और ब्रेसलेट स्टॉल की शोभा बढ़ा रहे हैं। सिल्क और पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी भी यहां खरीददारों को खास तौर पर आकर्षित कर रही है। तमिलनाडु से आई परम शिवम सेल्फ हेल्प ग्रुप की ‘लखपति दीदी’ भी चर्चा में हैं। वह 1.5 एकड़ भूमि पर चाय की खेती कर ग्रीन टी, ब्लैक टी, व्हाइट टी और हर्बल मिश्रित चाय का हाथों से उत्पादन कर रही हैं। उनके समूह की 10 महिलाएं बिना मशीनों के पूरी प्रक्रिया को अंजाम देती हैं। उनका दावा है कि उनकी चाय वजन नियंत्रण, शुगर और कोलेस्ट्रॉल संतुलन के साथ मानसिक सुकून में सहायक है। सरस मेला केवल खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की कहानियों का जीवंत संगम है। हर स्टॉल एक नई उम्मीद, नई पहचान और नए भारत की कहानी कह रहा है।




