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सोहना, 6 अगस्त। गुरुग्राम में ड्यूटी के दौरान एक लाइनमैन सीढ़ी टूटने की वजह से नीचे गिर गया। लाइनमैन के सिर में गहरी चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, लाइनमैन के शव का पोस्टमार्टम में देरी होने पर बिजली कर्मी भड़के उठे और वे अस्पताल पहुंच गए। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आलदुका गांव निवासी सुरेश बिजली विभाग के निमोठ फीडर में बतौर लाइनमैन कार्यरत था। शिकायत निवारण के लिए वह जोल्हाका गांव गया था, जहां एक शिकायत ठीक करने के बाद जब वह दूसरी शिकायत पर काम कर रहा था, तभी उसके नीचे लगी सीढ़ी अचानक टूट गई, जिस पर वह चढ़कर कार्य कर रहा था। सीढ़ी टूटने से सुरेश नीचे गिर पड़ा और उसके सिर में गंभीर चोट आई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे सोहना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान सुरेश ने दम तोड़ दिया।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान देवी सिंह ने बताया कि सुरेश के परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, और सुरेश के दो छोटे बच्चे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि विभाग में काम अधिक और स्टाफ कम है। अगर उस समय सुरेश के साथ एक और कर्मचारी होता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता, और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी प्रावधान की मांग की है।
सुरेश का शव सोहना नागरिक अस्पताल के शवगृह में लाया गया, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार, दूसरे दिन दोपहर तक भी पोस्टमार्टम नहीं किया गया। इससे आक्रोशित होकर सैकड़ों बिजली कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए। उनके विरोध के बाद ही पोस्टमार्टम किया गया। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।