
डीसी ने पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में गठित की एसआईटी
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 29 अगस्त। स्थानीय सदर बाजार में व्यापारियों के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करके अपने पक्ष में आदेश व निर्णय प्राप्त करके फर्जी, धोखाधड़ी, अवैध एवं गैरकानूनी कार्यों के मामले में सदर बाजार के व्यापारियों की मजबूत एकता रंग लाई है। एक दिन पूर्व बाजार में गुडग़ांव व्यापार मंडल (रजिस्टर्ड) की पहल पर विधायक मुकेश शर्मा के साथ व्यापारियों की बैठक के बाद आरोपी जितेंद्र अग्रवाल व बसंत लाल के खिलाफ ना केवल एफआईआर दर्ज हुई है, बल्कि जिला उपायुक्त की ओर से एसडीएम के नेतृत्व में एसआईटी भी गठित की गई है। एसआईटी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करके रिपोर्ट देगी।
गुडग़ांव व्यापार मंडल (रजिस्टर्ड) के प्रधान रोशन लाल पिंटू ने कहा कि जितेंद्र अग्रवाल योगिंदर अग्रवाल (दोनों पुत्र स्वर्गीय जल देव अग्रवाल) द्वारा सदर बाजार गुरुग्राम के व्यापारियों व कारोबारियों को दुकानों का कब्जा लेने का डर दिखाकर, जबरन वसूली के लिए गतिविधियों की जा रही हैं। इन दोनों और इनके चचेरे भाई बसंत लाल अग्रवाल, मुकेश जैन और महेंद्र जैन (दोनों पुत्र रवि दत्त जैन) द्वारा सदर बाजार, गुरुग्राम के व्यापारियों व कारोबारियों से जबरन वसूली की जा रही है।
गुडग़ांव व्यापार मंडल की ओर से अधिकृत किए गए अभय जैन एडवोकेट ने बताया कि जितेंद्र अग्रवाल और योगिंदर अग्रवाल ने गुरुग्राम की विभिन्न अदालतों में विभिन्न मामले दायर करने के लिए मनगढ़ंत, फर्जी, धोखाधड़ी, अवैध, गैरकानूनी और अमान्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। दोनों ने अपने प्रबंधक न्यू कालोनी निवासी बुधराम के माध्यम से मुकेश जैन, महेंद्र जैन और इंजीनियर साहिब मोहम्मद फारूक के विरुद्ध विभिन्न मामले दायर किए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके पूर्वजों ने उन्हें यह परिसर किराए पर दिया था। दोनों आरोपियों ने इसे सदर बाजार गुरुग्राम के 200 से अधिक दुकानदारों व व्यापारियों को किराए पर दे दिया था।
गुरुग्राम जिला न्यायालय में दायर मामले में जितेंद्र अग्रवाल ने एक नक्शा संलग्न किया था, जिसमें उन्होंने भूमि के स्वामित्व का दावा किया था। दस्तावेज पर जितेंद्र अग्रवाल ने 9 मार्च 2022 को हस्ताक्षर किए थे। जबकि यह साइट प्लान/नक्शा/स्केच पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत है। क्योंकि जितेंद्र अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत इस साइट प्लान में गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) के स्वामित्व वाली एक विशाल नवनिर्मित पार्किंग बिल्डिंग और 100 साल से अधिक पुराना रविदास मंदिर है। जितेंद्र अग्रवाल और योगिंदर अग्रवाल यह दावा कर रहे हैं कि उनके परदादा/पूर्वज सदर बाजार गुरुग्राम के बड़े हिस्से के मालिक थे।
तथ्यों को देखा जाए तो सदर बाजार के सभी दुकानदार अपने-अपने परिसर व दुकानों के वास्तविक और कानूनी भूमि मालिक हैं। सभी दुकानदार 80 वर्षों से भी अधिक समय से अपने-अपने परिसरों में अपना व्यवसाय व दुकानें चला रहे हैं। किसी ने भी अपनी दुकानों या व्यावसायिक परिसरों के स्वामित्व को लेकर कभी कोई आपत्ति नहीं जताई। दुकानदार पिछले 80 वर्षों से भी अधिक समय से नगर निगम को संपत्ति कर, बिजली बिल, बिक्री कर, जीएसटी और अन्य सरकारी कर व शुल्क का भुगतान कर रहे हैं। यहां तक कि कुछ दुकानदार पिछले 100 वर्षों से भी अधिक समय से इन प्रतिष्ठित स्थानों पर अपना व्यवसाय चला रहे हैं।
अभय जैन एडवोकेट ने बताया कि इस मामले में एक दिन पूर्व गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा को गुडग़ांव व्यापार मंडल की ओर से बाजार में आमंत्रित किया गया था। मुकेश शर्मा व्यापार मंडल के संरक्षक भी हैं। व्यापार मंडल के प्रधान रोशन लाल पिंटू ने विधायक को पूरी स्थिति से अवगत कराया। आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दी गई। पुलिस की ओर से इस मामले में जितेंद्र अग्रवाल व बसंत लाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही व्यापार मंडल के अनुरोध पर जिला उपायुक्त अजय कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में एसआईटी का भी गठन किया है। पुलिस और एसआईटी की ओर से आरोपियों द्वारा किए जा रहे कृत्यों की निष्पक्ष जांच करके दूध का दूध पानी का पानी किया जाएगा।