
Bilkul Sateek News
फरीदाबाद (अजय वर्मा), 29 अगस्त। मानव रचना शैक्षणिक संस्थान (MREI) ने आर्डुइनो की ग्लोबल टीम के साथ मिलकर आज फरीदाबाद स्थित मानव रचना कैंपस में आर्डुइनो नवाचार एवं शिक्षण केंद्र (ए.आई.एल.एच.) का शुभारंभ किया। यह ऐतिहासिक पहल भारत में आर्डुइनो की पहली बड़े पैमाने की सह-निर्माण साझेदारी है, जिसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और स्टार्टअप्स के तकनीक से जुड़ने के तरीके को बदलना है, कक्षाओं से लेकर वास्तविक दुनिया की नवाचार यात्रा तक।
इस हब का उद्घाटन गुनीत बेदी (ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट एवं जनरल मैनेजर, आर्डुइनो) डॉ. अमित भल्ला (उपाध्यक्ष, MREI) और डॉ. उमेश दत्ता (सीईओ, मानव रचना इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन) की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रमुख वक्तव्य, इंटरएक्टिव मीडिया सत्र, आर्डुइनो Uno R4 एक WiFi पुस्तक का विमोचन, मानव रचना के Vande IoT प्लेटफ़ॉर्म का अनावरण और लाइव डेमो व छात्र-नेतृत्व वाले नवाचारों के साथ एक गाइडेड वॉकथ्रू आयोजित किया गया।
ए.आई.एल.एच. अत्याधुनिक आर्डुइनो हार्डवेयर किट्स, माइक्रोकंट्रोलर्स, सेंसर, रोबोटिक्स सिस्टम और IoT डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म से सुसज्जित है। ये संसाधन छात्रों को AI, IoT, रोबोटिक्स, हेल्थकेयर और डीप-टेक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में हैंड्स-ऑन लर्निंग और प्रोटोटाइपिंग का अवसर प्रदान करेंगे। यह हब न केवल मानव रचना में एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य करेगा, बल्कि पूरे देश में आर्डुइनो प्रेरणा प्रयोगशालाएँ (K–12 छात्रों के लिए), आविष्कार प्रयोगशालाएँ (उच्च शिक्षा और अनुप्रयुक्त शोध के लिए) और नवाचार प्रयोगशालाएँ (उद्योग और करियर-टेक प्रोफेशनल्स के लिए) का नेटवर्क भी स्थापित करेगा।
यह बहु-स्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र यह सुनिश्चित करेगा कि सीखने वाले जिज्ञासा से लेकर औद्योगिक स्तर के नवाचार तक एकीकृत ढांचे में प्रगति कर सकें। स्कूलों को STEAM खोज में मार्गदर्शन मिलेगा, विश्वविद्यालय अनुप्रयुक्त अनुसंधान और प्रोटोटाइपिंग को बढ़ावा देंगे और उद्योग उन्नत नवाचार प्रयोगशालाओं के माध्यम से उत्पाद डिजाइन और तकनीक हस्तांतरण का लाभ उठाएंगे। ये सभी लैब्स स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेटर, शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण स्थल और भारत के अगले इनोवेटर्स के लिए एक्सेलेरेटर के रूप में कार्य करेंगी।
लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए डॉ. उमेश दत्ता ने कहा, “ए.आई.एल.एच. को भारत की अगली इनोवेटर पीढ़ी के लिए स्प्रिंगबोर्ड के रूप में तैयार किया गया है। यह सुविधा आर्डुइनो के वैश्विक मानकों वाले हार्डवेयर और प्लेटफॉर्म्स से लैस है, जिससे छात्र और शिक्षक रियल-टाइम में प्रयोग, प्रोटोटाइप और समाधान बना सकते हैं। संरचित शिक्षक प्रमाणन और स्टार्टअप इनक्यूबेशन को जोड़कर हम नवाचार को विचार से उद्योग तक पहुँचाने की एक पाइपलाइन बना रहे हैं।”
आर्डुइनो की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए गुनीत बेदी ने कहा, “भारत का मेकर समुदाय दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। मानव रचना के साथ इस साझेदारी के माध्यम से हम एक तीन-स्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे हैं, जहाँ वही माइक्रोकंट्रोलर्स और प्लेटफॉर्म्स जो वैश्विक उद्योगों में उपयोग किए जाते हैं, भारत में स्कूल छात्रों, कॉलेज इनोवेटर्स और उद्यमियों के लिए उपलब्ध होंगे। तकनीक का यह लोकतंत्रीकरण भारत की वैश्विक नवाचार में भूमिका को तेज़ करेगा।”
इस साझेदारी के व्यापक प्रभाव पर डॉ. अमित भल्ला ने कहा, “यह केवल तकनीक की साझेदारी नहीं है, बल्कि सशक्तिकरण का प्रयास है। हमारा लक्ष्य पहले वर्ष में 10,000 शिक्षकों को प्रमाणित करना, राष्ट्रीय ओलंपियाड और हैकाथॉन आयोजित करना और सैकड़ों छात्र स्टार्टअप्स को समर्थन देना है। ए.आई.एल.एच. छात्रों को विश्वस्तरीय मशीनें, उपकरण और मेंटर्स उपलब्ध कराएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि भारत का युवा इंडस्ट्री 5.0 और उससे आगे की संभावनाओं के लिए तैयार है।”
यह पहल राष्ट्रीय स्किलिंग और एजुकेशन मिशन के अनुरूप है, जिसमें NSDC, नीति आयोग, राज्य शिक्षा बोर्ड और नवाचार-प्रेरित सरकारी कार्यक्रमों के साथ सहयोग की संभावनाएँ शामिल हैं। प्रमाणन से आगे बढ़कर, यह हब शोध परियोजनाओं, हार्डवेयर और EdTech इनक्यूबेशन को समर्थन देगा और भारतीय छात्रों व स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक स्तर पर जुड़े मेंटर्स का नेटवर्क तैयार करेगा।
ए.आई.एल.एच. का हैंड्स-ऑन टेक्नोलॉजी एक्सेस, बड़े पैमाने पर शिक्षक प्रशिक्षण और संरचित इनोवेशन पाइपलाइन पर जोर इसे भारत की भविष्य-तैयार वर्कफोर्स तैयार करने और देश को वैश्विक STEAM इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी शक्ति बनाता है।