मिस्ड कॉल, एआई-सहायक व ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आमजन दे सकता है बजट सुझाव
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं हितधारकों से कर रहे हैं संवाद
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 17 जनवरी। डीसी अजय कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार का मत है कि बजट जनहित, विकास प्राथमिकताओं और नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो। इसी उद्देश्य से राज्य के प्रत्येक नागरिक को अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
डीसी ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए सुझाव देने के कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। नागरिक 7303350030 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर 31 जनवरी तक अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एआई-सहायक के माध्यम से thevoxai.in/haryanabudget लिंक पर संवाद करने की सुविधा भी उपलब्ध है। विस्तृत सुझाव देने के लिए नागरिक bamsharyana.nic.in/suggestion.aspx लिंक पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं हितधारकों से कर रहे हैं संवाद –
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी हरियाणा बजट 2026-27 को जनभागीदारी के साथ तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों से निरंतर बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में उद्योग, शिक्षा, व्यापार, कृषि, महिला उद्यमिता सहित अनेक वर्गों से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों को गंभीरता से सुना जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 6 जनवरी को गुरुग्राम विश्वविद्यालय से इस जनभागीदारी कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री गुरुग्राम में दो कार्यक्रमों के अलावा फरीदाबाद और हिसार में भी संवाद कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।
डीसी ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किए गए एआई आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक, विशेषज्ञ और हितधारक राज्य के बजट निर्माण में सीधे भागीदारी कर रहे हैं। इस पोर्टल पर हरियाणवी, हिंदी और अंग्रेज़ी तीनों भाषाओं में सुझाव देने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
डीसी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे समय रहते अपने सुझाव साझा करें, ताकि बजट निर्माण की प्रक्रिया अधिक समावेशी और प्रभावी बन सके। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें बजट निर्माण में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे हरियाणा के समग्र विकास को नई दिशा मिल सके।



