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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 18 जनवरी। जहाँ देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल इंदौर में दूषित पानी से अनेक मौतें हुई और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। तो वहीं फरीदाबाद औद्योगिक शहर के कई क्षेत्रों के नागरिक आज भी शुद्ध पेयजल को तरसते नजर आ रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में ही कई इलाकों में भूजल ऐसा हो चुका है, जिसे लोग धीमा जहर बता रहे हैं।
दरसल फरीदाबाद-गुरुग्राम की सीमा पर स्थित बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़ खड़ा हो चुका है, जिसका लीचेट रिस कर जमीन में जा रहा है और उससे लगते मांगर गांव और पाली गांव का भूजल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तो वहीं दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ लगते सेक्टर 58 में प्लेटिंग जोन में इस्तेमाल होने के बाद रसायनयुक्त पानी को खुले में ही बहाया जा रहा है, जिससे पास के गाँव झाड़सेतली के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
वहीं दूसरी तरफ झाड़सेंतली गांव के हजारों लोग रसायन युक्त पानी पीने को विवश है l स्थानीय लोगों ने बताया कि झाड़सेंतली गांव की आबादी कई हजारों में है। गांव के साथ में ही औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर 58 बसा हुआ है, जहां पर सैकड़ों की संख्या में अवैध प्लेटिंग यूनिट चल रही है। इन यूनिटों से निकलने वाले लाखों लीटर पानी को प्रतिदिन खुले में डाल दिया जाता है। गांव में पानी सप्लाई करने वाले पांच ट्यूबेल इससे प्रभावित हो रहे हैं। केमिकल युक्त पानी रिसकर भूजल में मिल रहा है। यही जहरीला पानी लोगों के घरों तक पहुंचता है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि गांव में रसायन युक्त पानी के सेवन से काफी लोग बीमार पड़ रहे हैं, जो तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं और हो रहे हैं। यह दूषित पानी धीमे जहर की तरह है और किडनी, लीवर पर भी असर डालता है। इस वजह से कई रोगों से ग्रसित होकर झाड़सेतली गांव के कई लोग अभी तक अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं आरडब्ल्यूए के महासचिव मोनू डागर ने यह भी बताया कि दो साल पहले 12 साल के बच्चे की ब्लड कैंसर से मौत हो गई थी। और गांव में रहने वाले दो सगे भाई सतवीर डागर और श्रीपाल डागर को भी कैंसर से अपनी जान गंवानी पड़ी। यह पूरा मामला ग्रीवेंस कमेटी में भी उठा था और एनजीटी में भी पहुंचा, हुआ कुछ नहीं l प्लेटिंग जोन को यहां से हटाने के लिए करीब पांच साल पहले आरडब्ल्यूए की ओर से एनजीटी में याचिका लगाई गई थी। उसको लेकर लगातार सुनवाई भी चली, लेकिन गांव वालों के पक्ष में कोई परिणाम नहीं निकला।
परंतु अब केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और विधायक सतीश फागना के नेतृत्व में नई डीआई की पाइपलाइन का उद्घाटन हुआ है जिसमें डीआई के पाइप डाले जाएंगे, ताकि लोगों को शुद्ध और स्वच्छ पानी मिल सके।



