गुरुग्राम, 13 फरवरी 2026।
सरस आजीविका मेला 2026 इस बार सिर्फ खरीदारी का ठिकाना नहीं, बल्कि प्राकृतिक जीवनशैली और महिला उद्यमिता का जीवंत उत्सव बनकर उभरा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस मेले में वेलेंटाइन डे को ध्यान में रखते हुए “लखपति दीदियों” ने खास आयुर्वेदिक और हस्तनिर्मित उपहार तैयार किए हैं, जिन्हें लोगों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।

हिमाचल पवेलियन की दुकान नंबर 184 पर पहुंचते ही प्राकृतिक खुशबू मानो आगंतुकों का स्वागत करती है। यहां की लखपति दीदी मुमताज बताती हैं कि अमर बेल, लैवेंडर, नेटल और वॉलनट से बने आयुर्वेदिक साबुन, सी-बकथॉर्न ऑयल और क्रीम, हर्बल शैंपू, हेयर ऑयल, लैवेंडर बाथ सॉल्ट और फेसवॉश जैसे उत्पाद खास आकर्षण का केंद्र हैं। सभी उत्पाद प्राकृतिक तत्वों से तैयार किए गए हैं और केमिकल मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। वेलेंटाइन पर लोग अब चॉकलेट और कृत्रिम गिफ्ट्स के बजाय हेल्दी और उपयोगी विकल्प चुन रहे हैं।

मेले में पूर्वोत्तर की झलक भी खास आकर्षण बनी हुई है। नागालैंड से आई लखपति दीदी पी. रायना करोसिया यानी क्रोशिया से बने फूल, सूखे फूलों के बुके, सजावटी कैंडल, रोज और टेडी थीम डेकोर, सनफ्लावर स्टैंड कैंडल, कैंडल बुके, हैंडमेड टेडी, खादी और कॉटन फैब्रिक उत्पाद तथा हैंड एम्ब्रॉयडरी बैग लेकर पहुंची हैं। उनका कहना है कि असली फूल कुछ ही दिनों में मुरझा जाते हैं, लेकिन ऊन से बने फूल सालों तक घर की रौनक बढ़ाते हैं और धोने पर फिर से नए जैसे दिखते हैं।
मेले में उमड़ रही भीड़ यह संकेत दे रही है कि लोग अब स्वदेशी, प्राकृतिक और टिकाऊ उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। यहां हर स्टॉल सिर्फ सामान नहीं बेच रहा, बल्कि संघर्ष, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण हुनर की कहानी भी सुना रहा है।
“सरस आजीविका मेला” ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराओं, हस्तशिल्प कला और महिला सशक्तिकरण का सशक्त मंच बन चुका है। यह मेला न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि लाखों अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहा है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 9817619376, 9289841801।



