गुरुग्राम | 13 फरवरी 2026
शहर की नींद जब गहरी थी, तब न्यू पालम विहार फेज-3 में खड़ा एक मोबाइल टॉवर खामोश गवाह बन रहा था। मामला जुड़ा है टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel के टॉवर से बैट्रियों की चोरी का, जहां से 22 भारी-भरकम बैट्रियां ऐसे गायब हुईं जैसे किसी ने रात के अंधेरे में ऊर्जा ही समेट ली हो।
घटना 31 जनवरी 2026 की है। 10 फरवरी को मिली शिकायत के आधार पर थाना बजघेड़ा, Gurugram में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए जांच की डोर थामी और कुछ ही दिनों में इस ‘बैट्री ब्रिगेड’ का भंडाफोड़ कर दिया।

ऐसे पकड़े गए ‘करंट’ वाले चोर
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पहला आरोपी वसीम मंसूरी (26) को 10 फरवरी को द्वारका बॉर्डर से काबू किया गया, जबकि दूसरे आरोपी दिलशाद (37) को 12 फरवरी को कृष्ण चौक, बजघेड़ा से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी समालखा, दिल्ली में कबाड़ी का काम करते हैं। योजना सधी हुई थी। वसीम ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर टॉवर से बैट्रियां चोरी कीं और बाद में उन्हें दिलशाद को 40 हजार रुपये में बेच दिया। भारी बैट्रियों को उठाने और ले जाने के लिए टेंपो का इस्तेमाल किया गया, ताकि चोरी भी हो जाए और शक भी कम से कम हो।
बरामद हुआ ‘ऊर्जा का माल’
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 22 बैट्रियां और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक टेंपो बरामद कर लिया है। इतनी बड़ी संख्या में बैट्रियों की बरामदगी को पुलिस टीम बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि टेलीकॉम टॉवर की बैट्रियां संचार व्यवस्था की रीढ़ होती हैं। इनके बिना नेटवर्क पर सीधा असर पड़ सकता था।
रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत
दोनों आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद 13 फरवरी को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, खासकर उस तीसरे साथी की तलाश में, जिसका नाम पूछताछ में सामने आया है।
टॉवर पर नजर, पुलिस की नजर तेज
शहर में टेलीकॉम टॉवर से बैट्री चोरी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि ‘करंट’ चुराने वालों की राह आसान नहीं होगी।
जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि कहीं आरोपियों का संबंध अन्य वारदातों से तो नहीं। फिलहाल, टॉवर की सांसें फिर से सामान्य हैं और शहर की नेटवर्क धड़कन दोबारा स्थिर।



