नूंह। साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए थाना साइबर क्राइम नूंह पुलिस ने मुकदमा नंबर 261/2025 में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दिनांक 12 फरवरी 2026 को आरोपी तस्लीम उर्फ तस्सी पुत्र सहूद निवासी गांव इब्राहिमबास, थाना फिरोजपुर झिरका को गिरफ्तार किया। आरोपी पर साइबर अपराधियों को फर्जी तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस जांच के अनुसार इस मामले में पहले ही असलुप उर्फ काला पुत्र राशीद निवासी भाक्रोजी, थाना फिरोजपुर झिरका को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान सामने आया कि उसे फर्जी सिम कार्ड तस्लीम द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। इसी कड़ी में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए तस्लीम को हिरासत में लिया।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि तस्लीम अपने गांव इब्राहिमबास में एक CSC सेंटर संचालित करता था। इसी सेंटर के माध्यम से वह लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कथित तौर पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करवाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पास आने वाले ग्राहकों की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सिम निकलवाता और बाद में इन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इन सिम कार्डों का उपयोग विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड में किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों में फर्जी सिम कार्ड एक बड़ी कड़ी साबित हो रहे हैं। अपराधी अक्सर नकली पहचान या किसी अन्य व्यक्ति के दस्तावेजों के जरिए सिम प्राप्त कर लेते हैं, जिससे अपराध के बाद उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मामलों में सिम उपलब्ध कराने वालों की भूमिका बेहद अहम होती है।
तस्लीम के बैंक खातों और लेनदेन की जांच अभी जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने किन-किन लोगों को सिम कार्ड उपलब्ध कराए और इसके बदले उसे कितनी आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को 13 फरवरी 2026 को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जिला जेल नूंह भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और यदि अन्य संलिप्त व्यक्तियों के नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साइबर क्राइम थाना नूंह की इस कार्रवाई को क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज किसी भी व्यक्ति या संस्था को देते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।




