गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 में हिंदू सम्मेलन आयोजित, स्वामी धर्मदेव ने दिया एकता और राष्ट्रनिर्माण का संदेश
- गुरुग्राम। साउथ सिटी पार्ट–1 स्थित नीम वाले पार्क में शनिवार को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 300 स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में एकता, हिंदू संस्कृति के प्रति जागरण, कुटुंब व्यवस्था को सुदृढ़ करना और राष्ट्रभक्ति
की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी धर्मदेव महाराज ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि हिंदू एकता से ही सशक्त राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि विश्व में स्थायी शांति की कोई गारंटी है तो वह हिंदुत्व के मूल सिद्धांतों में निहित है। उन्होंने सामाजिक समरसता को भारत की सनातन पहचान बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है।

स्वामी धर्मदेव ने अपने उद्बोधन में हिंदू संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरु गोबिंद सिंह और उनके चार साहिबजादों के बलिदान का उल्लेख करते हुए उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने संस्कार, राष्ट्रनिष्ठा और एकजुटता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक सुनील जी ने ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्वदेशी जीवनशैली अपनाने, नागरिक कर्तव्यों के पालन, कानूनों के सम्मान और बड़ों के आदर जैसे विषयों पर व्यावहारिक सुझाव दिए। विशिष्ट वक्ता सतीश जी, विभाग संपर्क प्रमुख, ने संघ की स्थापना से लेकर 100 वर्षों की यात्रा और उसके सामाजिक कार्यों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में तिजारा से आए जैन मुनि जी ने गौ माता के महत्व और हिंदू संस्कृति की मूल भावना पर अपने विचार रखे। आयोजन के दौरान संघ के विभाग प्रचार प्रमुख अनिल जी की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक हवन और मंत्रोच्चारण से हुआ। प्रसिद्ध उद्योगपति बोधराज सीकरी ने मुख्य यजमान के रूप में हवन में भाग लिया। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन और दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन किया गया। गायत्री मंदिर के आचार्य परेश शर्मा और उनकी टीम ने देशभक्ति से ओत-प्रोत राष्ट्रगीत प्रस्तुत कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति प्रमुख राम गुप्ता ने की, जबकि मंच संचालन रामनिवास शर्मा ने किया। उन्होंने अपनी देशभक्ति कविता से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। समापन अवसर पर समिति सचिव नरोत्तम वत्स ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया तथा ‘पंच परिवर्तन’ के तहत सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भावना और नागरिक कर्तव्यों के पालन का सामूहिक संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगकर्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।



