हरियाणा में बजट सत्र से पहले विकास और रोजगार को लेकर सरकार ने अपनी उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया है। नायब सिंह सैनी ने पूर्व बजट प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा का आगामी बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा और इसमें राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के संकल्प पत्र में किए गए 217 वादों में से अब तक 60 पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 120 वादों पर तेजी से कार्य जारी है। मंत्रिमंडल गठन के साथ ही 25,573 युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू कर दी गई हैं, जिससे हजारों मरीजों को राहत मिली है।

शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धियां गिनाईं। CET-C के तहत लगभग साढ़े 13 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। वर्ष 2023-24 तक करीब 27 लाख लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए। वर्ष 2005 से 2014 के बीच जहां प्रदेश में लगभग 45 विश्वविद्यालय थे, वहीं 2015 से 2025 के बीच 80 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।

आर्थिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्य की जीडीपी में 12.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है और पिछले 10 वर्षों में इसमें लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में राज्य के राजस्व में 52,376 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय करों में हरियाणा की हिस्सेदारी बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गई है, जो 15वें वित्त आयोग की तुलना में 24.52 प्रतिशत अधिक है।
कृषि क्षेत्र में हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। वहीं, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है। उद्योग और श्रमिकों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए उद्योग श्रमिक मैत्री परिषद का गठन किया गया है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच राज्य का कुल निर्यात 19.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
इसी बीच, गुरुग्राम जिले के मानेसर स्थित राजकीय बहुतकनीकी शिक्षा समिति के 54 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड में चयन हुआ है। चयनित विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये वेतन पर नियुक्ति दी गई है। इनमें मैकेनिकल के 29, ऑटोमोबाइल के 17 और मैकेनिकल टूल एंड डाई के 8 विद्यार्थी शामिल हैं।
कुल 97 विद्यार्थियों ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 71 लिखित परीक्षा में सफल रहे और सभी ने एचआर साक्षात्कार में हिस्सा लिया। संस्थान के प्रधानाचार्य धर्मपाल और प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी नीरज कुमार ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों की मेहनत और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का परिणाम बताया।
सरकार का दावा है कि हरियाणा केवल वर्तमान विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2047 तक विकसित हरियाणा के लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रोडमैप पर काम कर रहा है।



