India AI Impact Summit and Expo 2026 में बिहार का बड़ा दांव: ₹468 करोड़ के निवेश पर हस्ताक्षर, Indian Institute of Technology Patna में बनेगा ₹250 करोड़ का रिसर्च पार्क
नई दिल्ली, 17 फरवरी।
दुनिया के सबसे बड़े एआई आयोजनों में शामिल India AI Impact Summit and Expo 2026 में बिहार ने टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा निवेश आकर्षित करते हुए ₹468 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित पांच दिवसीय समिट के दौरान बिहार सरकार ने वैश्विक कंपनियों और Indian Institute of Technology Patna के साथ कई अहम समझौते किए।

सबसे बड़ी घोषणा आईआईटी पटना परिसर में ₹250 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक रिसर्च पार्क की स्थापना की रही। इसके अलावा ₹60 करोड़ की लागत से बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्थापना भी की जाएगी। इन पहलों से राज्य में 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जबकि 50 हजार से ज्यादा युवाओं को एआई आधारित स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

उपमुख्यमंत्री ने किया बिहार पवेलियन का उद्घाटन
17 फरवरी को बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने समिट में बिहार राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Rajiv Ranjan Singh मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बिहार सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Shreyasi Singh, उद्योग मंत्री Dilip Kumar Jaiswal और राज्यसभा सदस्य Sanjay Kumar Jha समेत कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस तरह भारत एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, उसी तरह बिहार भी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि रिसर्च पार्क और एआई CoE राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर प्रदान करेंगे।
100 से अधिक टेक कंपनियों की भागीदारी
समिट में 100 से अधिक टेक कंपनियों के सीईओ और 135 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से ज्यादा देशों के मंत्री भी आयोजन में शामिल हैं। बिहार पवेलियन (हॉल 5-एफ, स्टॉल 8 और 12) में राज्य की नई औद्योगिक और आईटी नीतियों के साथ निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
इंडस्ट्री-एकेडमिक साझेदारी को बढ़ावा
बिहार एआई CoE की स्थापना इंडस्ट्री और एकेडमिक साझेदारी के मॉडल पर की जा रही है। Tiger Analytics इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में और आईआईटी पटना एकेडमिक पार्टनर के रूप में इस पहल से जुड़ेंगे। आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह सेंटर स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करेगा, जिससे बिहार के युवा रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें।
नई नीतियों से बढ़ा वैश्विक निवेश
बिहार सरकार ने हाल ही में बिहार GCC पॉलिसी 2026 और सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के अनुसार नई नीतियों के बाद वैश्विक कंपनियों की रुचि बिहार में तेजी से बढ़ी है। रेड साइबर (₹103 करोड़), ग्रो QR (₹30 करोड़) और CIPL (₹25 करोड़) जैसी कंपनियों के साथ हुए समझौते इसका उदाहरण हैं।
आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह ने कहा कि प्रस्तावित रिसर्च पार्क उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सेतु का कार्य करेगा। यहां इनोवेशन लैब, स्टार्टअप स्पेस और एडवांस्ड रिसर्च सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
बिहार सरकार का लक्ष्य एआई, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा बल्कि युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा। आने वाले वर्षों में बिहार का टेक इकोसिस्टम राष्ट्रीय परिदृश्य पर अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है।



