गुरुग्राम, 17 फरवरी।
ग्राहक और बैंक के बीच दूरी कभी-कभी फॉर्म और फाइलों में खो जाती है, लेकिन जब संवाद सीधे चेहरे से चेहरे तक पहुंचे तो भरोसा नई चमक ले लेता है। इसी सोच के साथ भारतीय स्टेट बैंक ने हरियाणा मॉड्यूल के अंतर्गत गुरुग्राम स्थित Hotel Bristol में विशेष ग्राहक संवाद कार्यक्रम ‘संवाद’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में लगभग 85 ग्राहकों ने भाग लेकर बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सीधे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखे।

इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों की वास्तविक समस्याओं को समझना, उनके त्वरित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना तथा बैंकिंग सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और ग्राहक-हितैषी बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान बैंक अधिकारियों ने उपस्थित ग्राहकों से आमने-सामने चर्चा की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। कई ग्राहकों ने डिजिटल लेन-देन, शाखा सेवाओं और शिकायत निवारण प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपने अनुभव साझा किए।

एसबीआई (नेटवर्क-2) के महाप्रबंधक दीपेश राज ने कहा कि बैंक की प्राथमिकता केवल वित्तीय सेवाएं प्रदान करना नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ विश्वास का मजबूत रिश्ता बनाना भी है। उन्होंने बताया कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों से बैंक को जमीनी स्तर पर फीडबैक मिलता है, जिससे सेवाओं में सुधार की दिशा स्पष्ट होती है। दिल्ली मंडल के मुख्य महाप्रबंधक देबाशीष मिश्रा की ओर से भी बेहतर, पारदर्शी और कुशल सेवाएं देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

ग्राहक सेवा विभाग के उप महाप्रबंधक किशोर कुमार सिंह ने उपस्थित ग्राहकों का स्वागत करते हुए कहा कि समयबद्ध शिकायत निवारण और संतोषजनक ग्राहक अनुभव सुनिश्चित करना बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि बैंक ने शिकायत समाधान के लिए बहु-स्तरीय व्यवस्था विकसित की है, जिसमें शाखा स्तर, ग्राहक सेवा केंद्र, टोल-फ्री नंबर, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और क्षेत्रीय कार्यालय जैसे विभिन्न माध्यम उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। योनो ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई सेवाएं, डिजिटल भुगतान की सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय तथा विभिन्न ऋण सुविधाओं पर विशेषज्ञों ने उपयोगी सुझाव साझा किए। अधिकारियों ने ग्राहकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की सलाह भी दी।
हरियाणा मॉड्यूल के उप महाप्रबंधक तपन शर्मा ने कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्राहक की आवाज ही बैंक की दिशा तय करती है, और ‘संवाद’ जैसे मंच उस आवाज को मजबूती देने का माध्यम हैं।
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि आधुनिक बैंकिंग केवल लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि भरोसे, पारदर्शिता और सहभागिता की निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें ग्राहक और बैंक दोनों समान भागीदार हैं।



