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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 18 फरवरी 2026।
जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को गांव भांगरोला के राजस्व क्षेत्र में बड़ी तोड़फोड़ कार्रवाई की। यह अभियान संबंधित विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में थाना खेड़की दौला के अधिकार क्षेत्र में सफलतापूर्वक संपन्न किया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूर्व निर्धारित योजना के तहत की गई और मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सकी।

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया। पहली कॉलोनी लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही थी। यहां प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। कार्रवाई के दौरान तीन डीपीसी (DPC) ढांचे, लगभग 100 रनिंग मीटर लंबी चारदीवारी तथा एक श्रमिक कक्ष को ध्वस्त किया गया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किया जा रहा था।
दूसरी अवैध कॉलोनी करीब 1 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही थी। यहां चार डीपीसी एवं बाउंड्री वॉल को गिराया गया। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन कॉलोनियों के लिए न तो वैध लेआउट प्लान स्वीकृत था और न ही किसी प्रकार की नियामकीय मंजूरी ली गई थी। ऐसे में नियमों के उल्लंघन को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

प्रशासन ने दोहराया कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस और स्वीकृति के विकसित की जा रही कॉलोनियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि भविष्य में आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनती हैं। ऐसे मामलों में मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, सीवर, पानी और बिजली की व्यवस्था कानूनी रूप से सुनिश्चित नहीं हो पाती, जिससे खरीदारों को नुकसान उठाना पड़ता है।
कार्रवाई के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस टीम मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधता और संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृति की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आर्थिक नुकसान की संभावना बनी रहती है।

जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों की निगरानी और कड़ी की जाएगी। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य शहरी विकास को नियमानुसार और सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और वैध आवासीय विकल्प मिल सकें।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी कर अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।




