Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में चल रहे एक कथित इंश्योरेंस घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने गैलेक्सी वन हॉस्पिटल, निहाल कॉलोनी, न्यू पालम विहार में सर्च ऑपरेशन चलाकर फर्जी दस्तावेजों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
19 फरवरी 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण की शुरुआत मई 2025 में हुई थी जब मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अस्पताल में फर्जी तरीके से इंश्योरेंस बिल क्लेम किए जाने की शिकायत पर रेड की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में एक डॉक्टर अपने नाम के आगे एमबीबीएस और एम.डी.एम.ए लिख रहा था, जबकि उसके पास एम.डी. की डिग्री नहीं थी। यह तथ्य जांच टीम के लिए पहला संकेत था कि अस्पताल में दस्तावेजी हेरफेर की आशंका गंभीर है।

इसके बाद 14 फरवरी 2026 को थाना बजघेड़ा, गुरुग्राम में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।
18 फरवरी 2026 को पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री करण गोयल के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त पश्चिम श्री अभिलक्ष जोशी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में थाना बजघेड़ा के प्रबंधक, सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर, साइबर एक्सपर्ट और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर शामिल थे। कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अस्पताल परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
सर्च के दौरान जो सामने आया, वह चौंकाने वाला था। करीब 25 इंश्योरेंस कंपनियों से संबंधित लगभग 60 संदिग्ध क्लेम फाइलें बरामद की गईं। जांच में पाया गया कि कई मामलों में ऐसे व्यक्तियों के नाम पर IPD एडमिशन दिखाया गया था, जो वास्तव में अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए थे। फाइलों में नकली मेडिकल रिकॉर्ड, फर्जी लैब रिपोर्ट, मनगढ़ंत फार्मेसी बिल और उपचार संबंधी दस्तावेज तैयार किए गए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर इंश्योरेंस कंपनियों से क्लेम प्राप्त किए गए और कथित रूप से राशि को लाभार्थियों और अस्पताल के संबंधित कर्मचारियों के बीच बांटा गया।
जांच टीम ने लैब्सवेल, दयानंद कॉलोनी में भी तलाशी अभियान चलाया। यहां से भी नकली लैब रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए, जिनका उपयोग इंश्योरेंस क्लेम को मजबूत दिखाने के लिए किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान अस्पताल परिसर से तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान सपना, वर्षा और गौरव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी फर्जी क्लेम तैयार करने और प्रक्रिया को अंजाम देने में सहयोगी थे।
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित घोटाले का नेटवर्क कितना व्यापक था और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान की जा रही है और आगे की जांच जारी है। यह भी जांच की जा रही है कि इंश्योरेंस कंपनियों को कितनी वित्तीय हानि हुई है।
फिलहाल मामला अनुसन्धानाधीन है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। गुरुग्राम में इस कार्रवाई को स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




