नूंह। चोरी की वारदातें अक्सर शहरों की गलियों से शुरू होकर सीमाओं को लांघ जाती हैं, लेकिन इस बार कानून की पकड़ ने भी दूरी नहीं देखी। दिल्ली के सराय रोहिल्ला रोहतक रोड इलाके से चोरी हुई एक पिकअप गाड़ी के मामले में नूंह पुलिस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने शानदार नतीजा दिया है। इस ऑपरेशन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों, पिता और उसके दो बेटों, को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस के हवाले किया गया है।

मामला उस वक्त दर्ज हुआ जब दिल्ली निवासी नंदन कुमार साहू की पिकअप गाड़ी चोरी हो गई। इस संबंध में थाना डी.बी.जी. रोड, जिला सेंट्रल दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई। शुरुआती पड़ताल के बाद जब तकनीकी साक्ष्यों की परतें खुलीं, तो सुराग मेवात क्षेत्र की ओर इशारा करने लगे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नूंह जिला पुलिस से संपर्क साधा और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।
नूंह पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए थाना बिछौर क्षेत्र के गांव नीमका में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को काबू किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इरशाद पुत्र इलियास, मौसम पुत्र इरशाद और परवेज पुत्र इरशाद निवासी नीमका, थाना बिछौर, जिला नूंह के रूप में हुई है। खास बात यह रही कि तीनों आपस में पिता और पुत्र हैं, जिससे यह मामला और भी चर्चाओं में आ गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार सभी आरोपियों को दिल्ली पुलिस के एसआई हरविंदर, थाना डी.बी.जी. रोड को सौंप दिया गया। आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया दिल्ली पुलिस द्वारा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और विभागों के बीच मजबूत तालमेल के कारण यह सफलता संभव हो पाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अंतरराज्यीय अपराधों से निपटने के लिए विभिन्न जिलों और राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। इस मामले में भी समय पर साझा की गई जानकारी और त्वरित कार्रवाई ने आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई की चर्चा है, क्योंकि एक ही परिवार के तीन सदस्यों की संलिप्तता ने लोगों को चौंका दिया है। पुलिस का कहना है कि अपराध चाहे कहीं भी हो, कानून की पहुंच से बाहर नहीं है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में आपसी सहयोग और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण कायम रखा जा सके।
इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब तकनीक और तालमेल की ताकत के सामने अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं रहा। कानून की डोरी लंबी जरूर है, लेकिन पकड़ मजबूत है।




