नूंह, 19 फरवरी। जिला कारागार नूंह द्वारा संचालित जेल फिलिंग स्टेशन बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बनकर उभरा है। जिला कारागार अधीक्षक बिमला देवी ने रमजान के पावन अवसर पर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि यह फिलिंग स्टेशन आम जनता को गुणवत्तापूर्ण पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने के साथ साथ बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है।

इस फिलिंग स्टेशन की शुरुआत 20 अक्टूबर 2025 को की गई थी। यह पूरी तरह आम नागरिकों के लिए संचालित है, जहां जेल कर्मचारी और चयनित बंदी मिलकर कार्य करते हैं। ड्यूटी पर वही बंदी लगाए जाते हैं जिनका जेल में आचरण उत्तम रहा हो और जिन्होंने अपनी सजा की निर्धारित अवधि का आवश्यक भाग पूरा कर लिया हो। ये बंदी सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पेट्रोल पंप के संचालन, बिक्री और लेखा जोखा का जिम्मा संभालते हैं। बिक्री से प्राप्त समस्त राशि पारदर्शी ऑनलाइन माध्यम से सीधे सरकारी खाते में जमा होती है।
फिलिंग स्टेशन के साथ ही बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं के लिए एक विशेष शोरूम भी स्थापित किया गया है। यहां आम नागरिक अपनी पसंद के उत्पाद खरीद सकते हैं। यदि कोई विशेष वस्तु बनवानी हो तो उसका ऑर्डर लेकर जेल फैक्ट्री में तैयार किया जाता है। इन उत्पादों को हाल ही में सूरजकुंड मेले में भी प्रदर्शित किया गया, जहां उन्हें लोगों की सराहना मिली।
अधीक्षक बिमला देवी ने बताया कि यह पहल सरकार की बंदी पुनर्वास और सामाजिक समायोजन नीति का हिस्सा है। उद्देश्य यह है कि जेल से रिहा होने के बाद बंदियों के पास कोई उपयोगी कौशल हो, जिससे वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। इस गतिविधि से होने वाली आय का उपयोग भी बंदियों के कल्याण कार्यों में किया जाता है।
वर्तमान में फिलिंग स्टेशन पर चार बंदी और तीन कर्मचारी कार्यरत हैं तथा औसत दैनिक बिक्री लगभग दो लाख रुपये है। अधीक्षक ने मेवात क्षेत्र के नागरिकों को भरोसा दिलाया कि यहां उपलब्ध ईंधन उच्च गुणवत्ता का है और लोगों से एक माह तक यहां से ईंधन लेकर अपनी गाड़ियों की एवरेज जांचने की अपील की।
यह जेल फिलिंग स्टेशन केवल ईंधन केंद्र नहीं, बल्कि सुधार, विश्वास और नए भविष्य की दिशा में बढ़ता एक मजबूत कदम है।




