गुरुग्राम, 19 फरवरी 2026।
बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाले एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना सेक्टर-53, गुरुग्राम पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाने और लंबे समय से निष्क्रिय पड़े डोरमेंट बैंक खातों की फर्जी री-केवाईसी कर उनमें से रकम निकालने का काम करता था।

मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई, जब एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-53 में शिकायत दर्ज कराई कि उसके बैंक खाते की फर्जी री-केवाईसी कर मोबाइल नंबर अपडेट किया गया और खाते से अवैध रूप से रुपये निकाल लिए गए। शिकायत की जांच के बाद संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया और पुलिस ने तकनीकी व गोपनीय जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने 15 फरवरी 2026 को एक आरोपी रविंद्र (43 वर्ष), निवासी धोबौली बरहालगंज, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को दूसरे आरोपी दीपांशु (35 वर्ष), निवासी आदर्श नगर, दिल्ली को भी गुरुग्राम से काबू किया गया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रविंद्र खेती-बाड़ी का कार्य करता है, जबकि दीपांशु दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम से जुड़ा व्यवसाय करता है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी रविंद्र अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नए बैंक खाते खुलवाता था। इसके अतिरिक्त, गिरोह का मुख्य निशाना वे बैंक खाते होते थे जो लंबे समय से निष्क्रिय यानी डोरमेंट अवस्था में थे।
गिरोह के सदस्य फर्जी खाताधारक बनकर संबंधित बैंक शाखाओं में री-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराते, खाते में मोबाइल नंबर अपडेट करवाते और फिर रकम को दो अलग-अलग फर्जी खातों में ट्रांसफर कर देते। इसके बाद आरोपी दीपांशु एटीएम और अन्य माध्यमों से नकदी निकालता और आपस में रकम का बंटवारा कर लिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था और हर सदस्य की भूमिका तय होती थी। पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह के कुछ सदस्य बैंक कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर वारदात को अंजाम देते थे। हालांकि, इस एंगल पर अभी विस्तृत जांच जारी है।
आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि दीपांशु के खिलाफ दिल्ली में पहले भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी रविंद्र को 18 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि आरोपी दीपांशु को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गुरुग्राम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों की नियमित रूप से निगरानी करें, अनधिकृत लेन-देन की सूचना तुरंत बैंक व पुलिस को दें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने दस्तावेज या ओटीपी साझा न करें।
मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।




